चाईबासा
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और कोबरा बटालियन की संयुक्त कार्रवाई में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के दो कुख्यात नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से हथियार, कारतूस, वॉकी-टॉकी, डेटोनेटर और आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने से जुड़ा सामान बरामद किया गया है।
गिरफ्तार किए गए नक्सलियों में संदीप उर्फ हिडिमा पाडेयाम (सब-जोनल कमेटी सदस्य, निवासी बीजापुर, छत्तीसगढ़) और शिवा बोदरा उर्फ शिबु (एरिया कमेटी सदस्य, निवासी सरायकेला, झारखंड) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों के खिलाफ 40 से अधिक नक्सली मामलों में संलिप्तता पाई गई है। इनमें सुरक्षा बलों पर हमले, विस्फोट, हथियार लूट और अन्य संगीन आरोप शामिल हैं।
इस कार्रवाई को चाईबासा पुलिस और कोबरा 209 बटालियन की एक संयुक्त टीम ने जराईकेला थाना क्षेत्र के सारंडा के जंगलों में अंजाम दिया। अभियान अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) श्री पारस राणा के नेतृत्व में चलाया गया था, जो गुप्त सूचना पर आधारित था। सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए नक्सली क्षेत्र में किसी बड़ी नक्सली घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे भी किए हैं। उन्होंने बताया कि संगठन के शीर्ष नेता अनल उर्फ रमेश पर महिला दस्ते की सदस्यों के साथ शारीरिक शोषण और अवैध गर्भपात कराने के गंभीर आरोप हैं।
पुलिस के अनुसार, संगठन के अन्य बड़े नेता जैसे मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया और अश्विन अपने दस्तों के साथ कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय हैं और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।
पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबल इन नक्सलियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं और समय-समय पर अभियान चलाकर इन पर कार्रवाई की जा रही है।
बरामद सामान में शामिल हैं:
- एक पिस्तौल
- 11 कारतूस
- दो मैगजीन
- दो वॉकी-टॉकी
- डेटोनेटर
- आईईडी बनाने का सामान
पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक ने इस सफलता को नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है। मामले की जांच जारी है।
