PATNA
बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव करीब 40 दिनों बाद रविवार को पटना लौटे। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान वे पुराने तेवर में नजर आए। तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए नीतीश सरकार को 100 दिनों का अल्टीमेटम दिया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव में लोक हारा और तंत्र जीत गया। जनतंत्र को धनतंत्र और मशीन तंत्र में बदल दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छल-कपट से चुनाव जीते गए और बिहार में सरकार कैसे बनी, यह पूरा देश जानता है।
उन्होंने कहा कि वे सकारात्मक राजनीति करते हैं, इसलिए 100 दिनों तक सरकार की नीतियों और फैसलों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। तेजस्वी यादव ने सवाल उठाया कि 100 दिन बाद कब महिलाओं को दो-दो लाख रुपये मिलेंगे, कब एक करोड़ युवाओं को नौकरी दी जाएगी और कब हर जिले में चार-पांच कारखाने लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने चुनावी घोषणापत्र को जमीन पर उतारे।
बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर पूछे गए सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने दोहराया कि वे 100 दिनों तक इस पर कुछ नहीं बोलेंगे। उल्लेखनीय है कि विधानसभा सत्र के दौरान ही तेजस्वी यादव बिहार से बाहर चले गए थे और बाद में उनके परिवार के साथ यूरोप दौरे पर जाने की जानकारी सामने आई थी।
दिल्ली की विशेष अदालत में आरोप पत्र तय होने से पहले वे दिल्ली लौटे, जहां अदालत में उपस्थित होने के बाद वे पटना आए हैं। एक दिन पहले उनके पिता लालू प्रसाद यादव और बड़ी बहन डॉ. मीसा भारती भी पटना पहुंची थीं। बताया जा रहा है कि मकर संक्रांति के बाद तेजस्वी यादव कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए बिहार यात्रा पर भी निकल सकते हैं।
