RAJAT ALVI
भारतीय राजनीति की वैचारिक धुरी पर खड़े राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी से चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात को महज एक औपचारिक घटना मानकर नजरअंदाज करना आसान नहीं है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब भारत-चीन संबंधों की पृष्ठभूमि में सीमा विवाद, कूटनीतिक सतर्कता और वैश्विक शक्ति संतुलन जैसे सवाल लगातार चर्चा में हैं।
मंगलवार को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने आरएसएस के महासचिव (सर कार्यवाह) दत्तात्रेय होसबाले से उनके कार्यालय में मुलाकात की। लगभग एक घंटे चली इस बैठक को संघ ने ‘शिष्टाचार भेंट’ करार दिया है और यह भी स्पष्ट किया कि मुलाकात का अनुरोध चीन की ओर से आया था। संघ का यह रुख संकेत देता है कि संगठन इसे वैचारिक मेल नहीं, बल्कि औपचारिक संवाद के दायरे में देख रहा है।
इससे एक दिन पहले यही प्रतिनिधिमंडल भाजपा मुख्यालय पहुंचा था, जहां पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह से बातचीत हुई। चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप मंत्री सुन हैयान कर रही थीं, जबकि बैठक में भारत में चीन के राजदूत जू फीहोंग भी मौजूद थे। भाजपा की ओर से इसे दोनों दलों के बीच अंतर-दलीय संवाद को मजबूत करने की कवायद बताया गया।
दरअसल, यह मुलाकात दो बिल्कुल अलग राजनीतिक विचारधाराओं के आमने-सामने बैठने की तस्वीर पेश करती है। एक ओर राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक विचार पर आधारित संघ-भाजपा की राजनीति, तो दूसरी ओर एकदलीय कम्युनिस्ट शासन की प्रतिनिधि पार्टी। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि यह संवाद केवल औपचारिकता है या भविष्य की किसी बड़ी रणनीति की भूमिका।
इन बैठकों को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए, जिस पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया। पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि बातचीत खुले तौर पर हुई है, कोई ‘खुफिया एमओयू’ नहीं है। भाजपा ने यह भी दावा किया कि बीते एक साल में भारत-चीन संबंधों की जमीनी स्थिति में सुधार हुआ है और उन इलाकों में भी भारतीय पेट्रोलिंग संभव हुई है, जहां दशकों से ऐसा नहीं हो पा रहा था।
कुल मिलाकर, संघ और भाजपा के साथ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की यह श्रृंखलाबद्ध मुलाकात केवल एक शिष्टाचार भेंट भर नहीं दिखती। यह उस राजनीतिक यथार्थ की झलक है, जहां वैचारिक मतभेदों के बावजूद संवाद के दरवाजे खुले रखे जाते हैं—कभी कूटनीति के लिए, तो कभी भविष्य की संभावनाओं को टटोलने के लिए।
(नोट – यहां ली गई तस्वीर द प्रिंट से साभार से ली गई है)
