RANCHI
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने OBC वोट बैंक को मजबूत करने की दिशा में अपने राजनीतिक कदम तेज कर दिए हैं। पिछले एक सप्ताह के भीतर पार्टी में दो प्रभावशाली OBC नेताओं के शामिल होने से सियासी हलकों में हलचल बढ़ गई है।
सबसे पहले धनबाद के पूर्व मेयर और जाने-माने OBC नेता शेखर अग्रवाल ने JMM की सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद आज कोडरमा की दिग्गज OBC नेता शालिनी गुप्ता भी पार्टी में शामिल हो गईं। इन दोनों नेताओं की एंट्री को JMM की सोची-समझी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। शालिनी गुप्ता और शेखर अग्रवाल को लेकर पार्टी की गंभीरता इससे भी समझा जाना चाहिए कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जो झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष भी हैं, उनकी मौजूदगी में दोनों ने झामुमो का दामन थामा है. विशेष तौर पर शालिनी गुप्ता के सदस्यता ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राजधानी रांची से कोडरमा पहुंचे थे.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य की राजनीति में OBC वर्ग निर्णायक भूमिका निभाता है. ऐसे में भविष्य के साथ-साथ वर्तमान में हो रहे निकाय चुनावों को देखते हुए JMM इस सामाजिक समूह में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहता है। खास बात यह है कि शेखर अग्रवाल और शालिनी गुप्ता दोनों ही अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत जनाधार और संगठनात्मक पकड़ रखते हैं।
JMM नेतृत्व का कहना है कि पार्टी की नीतियां सभी वर्गों के हितों से जुड़ी हैं और यही कारण है कि लगातार हर वर्ग के नेता JMM से जुड़ रहे हैं। वहीं विपक्ष इसे चुनावी गणित से जोड़कर देख रहा है।
एक हफ्ते में दो बड़े OBC चेहरों की एंट्री ने यह साफ संकेत दे दिया है कि JMM आने वाले दिनों में सामाजिक समीकरणों को साधने की रणनीति पर आक्रामक तरीके से आगे बढ़ने वाली है।
