DEOGHAR
तपोवन/देवघर में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ से संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जैसे लोकतंत्र का आधार शुद्ध मतदाता सूची है, वैसे ही शुद्ध मतदाता सूची का आधार उसे तैयार करने वाले बीएलओ हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लक्ष्य यही है कि देश का कोई भी पात्र भारतीय मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि देशभर में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का कार्य विभिन्न चरणों में किया जा रहा है। झारखंड में भले ही अभी इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यहां के बीएलओ की तैयारी यह संकेत दे रही है कि गहन पुनरीक्षण के दौरान ‘कोई भी पात्र भारतीय मतदाता सूची से न छूटे’ इस उद्देश्य को पूरी गंभीरता से हासिल किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बीएलओ का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि पहले कई बार डोर-टू-डोर सत्यापन के दौरान पहचान पत्र के अभाव में लोगों को संदेह होता था। अब भारत निर्वाचन आयोग द्वारा बीएलओ को पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाने से घर-घर जाकर सत्यापन में किसी तरह की असुविधा नहीं होती।
संवाद कार्यक्रम में देवघर जिले के विभिन्न मतदान केंद्रों के बीएलओ ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण से जुड़ी प्रक्रियाओं पर अपने अनुभव साझा किए। बीएलओ प्रमिला यादव ने गहन पुनरीक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला, जबकि गुलशन परवीन ने मतदाता सूची को उम्र के आधार पर A, B, C, D श्रेणियों में विभाजित कर मैपिंग की प्रक्रिया समझाई।
बीएलओ गीता कुमारी ने मतदाता सूची मैपिंग, दीपम कुमारी ने मैपिंग के आठ चेकपॉइंट, राखी देवी और संगीता देवी ने घरों को नोशनल नंबर देने की प्रक्रिया की जानकारी दी। कुमारी प्रिया ने फॉर्म 6, 7 और 8 भरने की प्रक्रिया बताई, वहीं बीएलओ रजिया खातून ने स्पष्ट किया कि गहन पुनरीक्षण के दौरान महिला मतदाताओं की मैपिंग उनके माता-पिता के साथ की जाएगी, पति के साथ नहीं।
मुख्य चुनाव आयुक्त बीएलओ की तैयारी और स्पष्ट समझ से काफी प्रभावित दिखे। उन्होंने कहा कि जल्द ही भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नई दिल्ली स्थित IIIDEM में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में देवघर के बीएलओ को भी आमंत्रित किया जाएगा।
कार्यक्रम के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि देवघर और दुमका जिले के दो दिवसीय प्रवास के दौरान उन्हें बाबा बैद्यनाथ और बाबा बासुकीनाथ के दर्शन का अवसर मिला, साथ ही चुनाव आयोग के आधार स्तंभ माने जाने वाले बीएलओ से सीधा संवाद भी हुआ।
उन्होंने कहा कि बीएलओ की तैयारियों को देखकर यह भरोसा बनता है कि झारखंड में जब भी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की घोषणा होगी, उसे सुगम, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सकेगा। इस दौरान उन्होंने गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया, इन्यूमरेशन फॉर्म, प्रारूप प्रकाशन, क्लेम-ऑब्जेक्शन, नोटिस पीरियड, एईआरओ और ईआरओ स्तर पर सुनवाई तथा अपील की व्यवस्था की भी विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार, उपायुक्त देवघर नमन प्रियेश लकड़ा सहित जिला प्रशासन और निर्वाचन से जुड़े कई अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।
