Ranchi
रांची के धुर्वा डैम परिसर में श्रीकृष्ण विकास परिषद, यादव समाज की ओर से आयोजित वनभोज सह मिलन समारोह में समाज की एकता, शिक्षा और संगठन पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में रांची शहर, ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य जिलों से हजारों की संख्या में यादव समाज के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर पर मुख्य अतिथि परिषद के मुख्य संरक्षक सह राजद प्रवक्ता कैलाश यादव द्वारा माल्यार्पण और विधिवत आरती-अर्चना के साथ हुई। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को दही-मक्खन, फल और मिठाई का भोग अर्पित किया गया।
जनसभा को संबोधित करते हुए कैलाश यादव ने कहा कि यादव समाज की ऐतिहासिक पहचान प्राचीन काल से जुड़ी है और देश की आबादी में इसकी भागीदारी लगभग 26 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि यादव समाज आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है, लेकिन अपेक्षित सामाजिक और राजनीतिक मजबूती के लिए संगठित प्रयास जरूरी हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज का समग्र उत्थान तभी संभव है जब शैक्षणिक, आर्थिक, सामाजिक और संगठनात्मक स्तर पर एकजुट होकर काम किया जाए। युवाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने और सामाजिक दायित्वों से जोड़ने की जरूरत है। प्रतिभाओं की कमी नहीं है, कमी है तो केवल एकजुटता की।
कैलाश यादव ने भगवान श्रीकृष्ण को यादव समाज की प्रेरणा बताते हुए कहा कि उनके आदर्श त्याग, संघर्ष और नेतृत्व की राह दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड की राजनीति में यादव समाज की अनदेखी कर किसी भी दल के लिए सत्ता में आना आसान नहीं होगा।
उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार से भी उम्मीद जताई कि ओबीसी समाज को 27 प्रतिशत आरक्षण लागू कर वास्तविक सम्मान दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान “जय यादव, जय माधव, जय राघव” के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
