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झारखंड के खूंटी जिले में अंधविश्वास और डायन-बिसाही के शक ने इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना को जन्म दिया है। मारंगहदा थाना क्षेत्र में सात साल के मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, लांदुप पंचायत के बीमडीह गांव निवासी रघु मुंडा को अंधविश्वास था कि उसके बेटे की बीमारी से हुई मौत के पीछे लक्ष्मण मुंडा द्वारा किया गया जादू-टोना जिम्मेदार है। इसी शक और बदले की भावना में उसने जगरनाथ मुंडा उर्फ जगरा मुंडा के साथ मिलकर लक्ष्मण मुंडा के सात वर्षीय बेटे को निशाना बनाया। दोनों ने बच्चे को चॉकलेट देने के बहाने बुलाया और कुदाल की बेंत से कूचकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। घटना 23 जनवरी 2026 की है।
बच्चे का शव मिलने के बाद पिता लक्ष्मण मुंडा के फर्द बयान पर मारंगहदा थाना में मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल के नेतृत्व में की गई त्वरित जांच के दौरान संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया।
थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में मारंगहदा थाना कांड संख्या 02/2026 दर्ज किया गया है। आरोपियों पर बीएनएस 2023 की धारा 103(1), 238(A) तथा डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुदाल, खून लगी मिट्टी, पत्ते और मृतक का एक जोड़ा चप्पल बरामद किया गया है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले के उद्भेदन में हुंट मुखिया सोमा मुंडा और स्थानीय ग्रामीणों का भी सहयोग मिला। कार्रवाई में मारंगहदा थाना की पुलिस टीम और सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
