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पाकुड़ जिले में भारत बंद का आंशिक असर देखने को मिला। मालपहाड़ी और बिशनपुर क्षेत्र में पत्थर खदानों और क्रशर इकाइयों पर बंद का प्रभाव पड़ा।
सीपीआई(एम) जिला कमेटी के नेतृत्व में बंद का समर्थन किया गया। इस दौरान जिला सचिव देवाशीष दत्ता गुप्ता, नादिर हुसैन और मानिक दुबे समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने क्षेत्र में बंद को सफल बनाने की अपील की। बंद के कारण कुछ स्थानों पर खनन और क्रशर गतिविधियां प्रभावित रहीं। हालांकि पूरे जिले में सामान्य गतिविधियां आंशिक रूप से जारी रहीं।
मौके पर नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर और किसान विरोधी हैं। चार लेबर कोड के जरिए मजदूरों के अधिकार कमजोर किए गए हैं। मनरेगा को समाप्त करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इससे असंगठित मजदूरों पर असर पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि देशभर में कोयला खदान, बैंक, एलआईसी, सार्वजनिक क्षेत्र और कई निजी प्रतिष्ठान बंद रहे तथा लगभग 40 करोड़ मजदूर, किसान और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए।
हड़ताल की सफलता का दावा करते हुए वाम दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की और जन-विरोधी कानूनों को वापस लेने की बात कही।
