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पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में रेल यात्रियों की मांगें पूरी नहीं होने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि यदि रेलवे ने जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया तो 24 जनवरी से कोयला की ढुलाई पूरी तरह बाधित कर दी जाएगी।
विधायक हेमलाल मुर्मू ने कहा कि फिलहाल आम जनता और पत्थर व्यवसायियों द्वारा रेल मार्ग से पत्थर की ढुलाई बाधित की जा रही है, लेकिन रेलवे की लगातार उदासीनता को देखते हुए अब अमड़ापाड़ा से होने वाली कोयला ढुलाई भी बंद करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे को जनता के आंदोलन से कोई सरोकार नहीं है।
हेमलाल मुर्मू ने बताया कि रेलवे की परामर्शदात्री समिति की बैठक में उन्होंने महाप्रबंधक को क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया था और लिखित ज्ञापन भी सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
विधायक ने कहा कि पाकुड़ और साहिबगंज से रेलवे को सबसे अधिक राजस्व मिलता है, इसके बावजूद यहां के रेल यात्रियों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस क्षेत्र से रेलवे को करोड़ों रुपये की आमदनी होती है, वहां के यात्रियों को बुनियादी रेल सुविधाएं मिलनी ही चाहिए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा ने कहा कि मालदा और हावड़ा रेल मंडल में मालवाहक ट्रेनों को प्राथमिकता देने के लिए यात्री ट्रेनों की संख्या कम की जा रही है। उन्होंने कहा कि इतना अधिक राजस्व देने के बावजूद पाकुड़ जिले से आज तक पटना और दिल्ली के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
पंकज मिश्रा ने यह भी कहा कि पाकुड़ रेलवे स्टेशन से कई एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं, लेकिन उनका ठहराव नहीं दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो 24 जनवरी से अमड़ापाड़ा खदान से एक भी मालगाड़ी कोयला डंपिंग यार्ड तक नहीं आने दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पाकुड़ और साहिबगंज में रेल सुविधा, पटना व दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन, ओवरब्रिज समेत अन्य मांगों को लेकर आम जनता और पत्थर व्यवसायी आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के चार दिन बीत जाने के बावजूद रेलवे की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। यदि कोयला ढुलाई ठप होती है तो इसका असर पश्चिम बंगाल और पंजाब के पावर प्लांट्स पर भी पड़ सकता है।
