MUMBAI
फिल्म ‘द डिप्लोमैट’ के बाद अभिनेता जॉन अब्राहम और निर्देशक शिवम नायर एक बार फिर साथ काम करने जा रहे हैं। दोनों इस समय दो अलग-अलग फिल्मों पर काम कर रहे हैं। इनमें एक 1971 के रहस्यमयी नागरवाला केस पर आधारित क्राइम थ्रिलर है, जबकि दूसरी ‘ऑपरेशन गंगा’ है, जो रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान भारतीय छात्रों को सुरक्षित वापस लाने के अभियान से प्रेरित है। दोनों प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और फिल्म इंडस्ट्री में इनकी खूब चर्चा हो रही है।
पिछले कुछ वर्षों में जॉन अब्राहम ने अपनी फिल्मों के चुनाव में बड़ा बदलाव किया है। मसाला एक्शन फिल्मों की जगह अब वह ऐसी कहानियां चुन रहे हैं, जो सच्ची घटनाओं और देश से जुड़े अहम विषयों पर आधारित हों।
‘नागरवाला’ की कास्ट में बदलाव
जॉन अब्राहम की फिल्म ‘नागरवाला’ एक बार फिर सुर्खियों में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अभिनेता के के मेनन अब इस प्रोजेक्ट का हिस्सा नहीं हैं और निर्माता उनकी जगह नए अभिनेता की तलाश कर रहे हैं। हालांकि फिल्म की तैयारी लगातार जारी है।
अंतिम दौर में पहुंची ‘ऑपरेशन गंगा’ की स्क्रिप्ट
दूसरी ओर ‘ऑपरेशन गंगा’ पर काम काफी आगे बढ़ चुका है। सूत्रों के अनुसार फिल्म की रिसर्च लगभग पूरी हो चुकी है और स्क्रिप्ट का अंतिम ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। इसके बाद जल्द ही प्री-प्रोडक्शन शुरू होने की संभावना है। इसे जॉन अब्राहम की अगली बड़ी फिल्मों में शामिल माना जा रहा है।
यह फिल्म भारत सरकार के ऑपरेशन गंगा से प्रेरित है। इस अभियान के तहत रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन में फंसे हजारों भारतीय छात्रों को सुरक्षित भारत वापस लाया गया था। फिल्म केवल रेस्क्यू मिशन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके पीछे की मानवीय भावनाओं और राजनीतिक परिस्थितियों को भी बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा।
सच्ची घटनाओं पर लगातार काम कर रहे हैं जॉन
‘द डिप्लोमैट’ के बाद जॉन अब्राहम लगातार वास्तविक घटनाओं पर आधारित फिल्मों पर ध्यान दे रहे हैं। एक तरफ ‘नागरवाला’ देश के सबसे रहस्यमयी आपराधिक मामलों में से एक को पर्दे पर लाएगी, वहीं ‘ऑपरेशन गंगा’ भारत के सबसे बड़े रेस्क्यू अभियानों में से एक की कहानी सुनाएगी। फिलहाल दोनों फिल्में अलग-अलग निर्माण चरण में हैं।
शिवम नायर फिर संभालेंगे निर्देशन
रिपोर्ट्स के अनुसार शिवम नायर ही ‘ऑपरेशन गंगा’ का निर्देशन करेंगे। ‘द डिप्लोमैट’ में जॉन और शिवम की जोड़ी को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। अब दोनों एक बार फिर वास्तविक घटनाओं पर आधारित कहानी को सिनेमाई अंदाज में दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी में हैं।
सूत्रों का कहना है कि फिल्म अभी लेखन के अंतिम चरण में है। कई लेखकों के सुझावों के बाद पटकथा को निर्देशक की सोच के अनुसार अंतिम रूप दिया जा रहा है।
1971 के सबसे रहस्यमयी मामलों में से एक है ‘नागरवाला’
‘नागरवाला’ की कहानी वर्ष 1971 के चर्चित नागरवाला बैंक धोखाधड़ी मामले से प्रेरित है। इसका भारत-पाकिस्तान युद्ध से कोई संबंध नहीं है।
इस मामले में पूर्व सेना अधिकारी रुस्तम सोहराब नागरवाला पर आरोप था कि उन्होंने फोन पर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आवाज बनाकर खुद को उनके रूप में पेश किया। जांच एजेंसियों के अनुसार उन्होंने इस तरह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य कैशियर से करीब 60 लाख रुपये नकद निकलवा लिए थे।
यह मामला आज भी कई सवालों और रहस्यों से घिरा हुआ है। यही वजह है कि इसे भारतीय इतिहास के सबसे रहस्यमयी आपराधिक मामलों में गिना जाता है और अब इसकी कहानी बड़े पर्दे पर दिखाई जाएगी।
