RANCHI
CCL, मेकन और NTPC जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले मास्टरमाइंड आरोपी देवाशीष मिश्रा को कांके थाना कांड संख्या 98/26 के तहत गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है। आरोपी युवाओं को फर्जी ईमेल भेजकर नौकरी की ‘100 प्रतिशत गारंटी’ देने का झांसा देता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम करता था। वह CCL, MECON और NTPC जैसी बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बनाकर बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। नौकरी सुनिश्चित कराने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की जाती थी।
पूरे परिवार को बनाया गया आरोपी
इस मामले में केवल देवाशीष मिश्रा ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार को भी आरोपी बनाया गया है। प्राथमिकी में उसके बेटे प्रियांशु मिश्रा, पत्नी ज्योति मिश्रा और बहन वंदना मिश्रा को भी नामजद किया गया है।
जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी सीधे अपने बैंक खाते में पैसे नहीं मंगवाता था। वह ठगी की रकम अपने बेटे, पत्नी और बहन के खातों में ट्रांसफर करवाता था, ताकि जांच एजेंसियों से बच सके।
शिकायत के बाद पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
सहायक पुलिस अधीक्षक साक्षी जमुआर ने बताया कि शिकायतकर्ता सुदर्शन चौबे, पिता स्वर्गीय विंध्याचल चौबे ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को पूछताछ के लिए बुलाया।
पूछताछ के दौरान देवाशीष मिश्रा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और बताया कि वह बड़ी कंपनियों के नाम पर फर्जी मेल भेजकर लोगों को ठगता था। ASP ने कहा कि आम जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(3), 318(4), 336(3) और 338/340(2) के तहत मामला दर्ज किया है। मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया है।
केस के आईओ मोहम्मद कपिल अहमद ने बताया कि आरोपी ने अपने गुनाह स्वीकार कर लिए हैं। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
