फूलों और वनस्पतियों से तैयार रंग, उपायुक्त कंचन सिंह ने किया लोकार्पण
Simdega
सिमडेगा जिले में होली को लेकर उत्साह के बीच समाहरणालय सभागार में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार हर्बल गुलाल का विधिवत शुभारंभ किया गया। उपायुक्त कंचन सिंह ने गुलाल का लोकार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
टी. टांगर, बानो, केरसई और जलडेगा प्रखंडों की स्वयं सहायता समूह की दीदियों ने सामूहिक रूप से प्राकृतिक तरीके से गुलाल तैयार किया है। फूलों, हल्दी, चुकंदर और अन्य वनस्पतियों से पारंपरिक विधि द्वारा रंग बनाकर उसे सुखाया और छानकर गुलाल तैयार किया गया है। इसमें किसी भी प्रकार के रासायनिक तत्व का उपयोग नहीं किया गया है, जिससे यह त्वचा के लिए सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल है।
महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में कदम
बाजार में उपलब्ध रासायनिक गुलाल से होने वाली एलर्जी और दुष्प्रभावों को देखते हुए समूह की महिलाओं ने प्राकृतिक विकल्प उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। हर वर्ष होली के अवसर पर गुलाल की बिक्री से स्वयं सहायता समूहों को अच्छा लाभ मिलता है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
इस पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक शांति मार्डी ने उत्पादन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की कि वे होली पर स्थानीय स्तर पर निर्मित हर्बल गुलाल का उपयोग करें। इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और सुरक्षित, पर्यावरण अनुकूल होली मनाने का संदेश भी जाएगा।
