नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ नेता आज़म खान की जेल से रिहाई के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। उनकी रिहाई के साथ ही समाजवादी पार्टी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर सवाल उठने लगे हैं। इस बीच ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए आज़म खान को नई पार्टी बनाने की सलाह दे डाली। इधर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा है, यूपी में उनकी सरकार बनने पर सारे मुकदमे खत्म किये जायेंगे।
बहरहाल, मौलाना रजवी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश पर आज़म खान को सीतापुर जेल से रिहा किया गया, जिससे मुस्लिम समाज में खुशी की लहर है। उन्होंने कहा कि आज़म खान न केवल रामपुर की जनता के लिए बल्कि समाजवादी पार्टी के लिए भी वर्षों तक समर्पित रहे। उन्होंने मुलायम सिंह यादव को ‘मुल्ला मुलायम’ के रूप में पहचान दिलाई और पार्टी को खून-पसीना देकर खड़ा किया, मगर जब आज़म मुश्किल में थे, तब सपा और अखिलेश यादव ने उनका साथ नहीं दिया। उनका परिवार अकेले ही कानूनी लड़ाई लड़ता रहा, जो विश्वासघात का उदाहरण है।
मौलाना रजवी ने सुझाव दिया कि अब जब आज़म खान बाहर आ गए हैं, तो उन्हें पूरे प्रदेश में अपने पुराने साथियों को फिर से जोड़कर एक नई राजनीतिक पार्टी का गठन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में आज़म अपने उम्मीदवार उतारें ताकि समाजवादी पार्टी को उनकी ताकत का अंदाज़ा हो सके।
रजवी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश का मुसलमान आज़म खान के साथ है और यदि वह नई राजनीतिक पहल करते हैं, तो उन्हें पूरा समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि आज़म की रिहाई सिर्फ एक व्यक्ति की वापसी नहीं, बल्कि मुस्लिम समाज के अधिकार, सामाजिक न्याय और राजनीतिक हिस्सेदारी की लड़ाई में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
