आदिवासी संगठनों का आरोप: अनुसूचित क्षेत्रों में निकाय चुनाव संविधान के उलट, संयुक्त बैठक में बनेगी रणनीति


संविधान के अनुच्छेद 243ZC का हवाला देकर चुनाव को बताया असंवैधानिक, 10 फरवरी को रांची में बड़ा खुलासा करने का दावा



RANCHI

झारखंड में प्रस्तावित नगर निकाय चुनाव को लेकर अनुसूचित क्षेत्रों में नया विवाद खड़ा हो गया है। आदिवासी संगठनों ने इन चुनावों को संविधान के विरुद्ध बताते हुए संयुक्त प्रेस वार्ता बुलाने की घोषणा की है।

संगठनों का कहना है कि झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के बाद राज्य सरकार ‘झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011’ के तहत नगर निकाय चुनाव करा रही है। लेकिन संविधान के अनुच्छेद 243ZC के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में नगरपालिका, नगर निगम और नगर परिषद की स्थापना पर तब तक रोक है, जब तक संसद द्वारा संबंधित कानून (मेसा) नहीं बनाया जाता।

इसी मुद्दे पर 10 फरवरी 2026 को अपराह्न 3 बजे एसडीसी, डॉ. कामिल बुल्के पथ, रांची में संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई है। यह प्रेस वार्ता ‘आदिवासी क्षेत्र सुरक्षा परिषद्’, ‘पारंपरिक ग्रामसभा समन्वय समिति’ और ‘आदिवासी फाइटर्स’ की ओर से बुलाई गई है।

प्रेस वार्ता को आदिवासी क्षेत्र सुरक्षा परिषद् के अध्यक्ष ग्लैडसन डुंगडुंग, पारंपरिक ग्रामसभा समन्वय समिति के संयोजक बिनसाय मुंडा और आदिवासी फाइटर्स के सदस्य संबोधित करेंगे। आयोजकों ने दावा किया है कि इस दौरान कई संगठनों और राजनीतिक दलों की भूमिका पर भी खुलासा किया जाएगा।

इसके अलावा, उसी दिन सुबह 10 बजे से ‘आदिवासी फाइटर्स कार्यशाला’ का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें राज्यभर से प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है।


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