10,000 रुपये नहीं दिए तो नहीं मिली मार्कशीट, विवश छात्रा को केरल जाकर करनी पड़ी मजदूरी

दो साल की पढ़ाई बर्बाद, कस्तूरबा विद्यालय के शिक्षक पर अवैध वसूली का आरोप



Sahibganj

साहेबगंज जिले के बरहेट प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कार्यरत घंटी शिक्षक सुमन कुमार गुप्ता पर छात्राओं से अवैध उगाही का गंभीर आरोप लगा है। ताजा मामला उसी विद्यालय की छात्रा छीता किस्कू से जुड़ा है, जिसने आरोप लगाया है कि मैट्रिक का अंकपत्र देने के बदले शिक्षक ने 10 हजार रुपये की मांग की।

छात्रा ने बताया कि उसने दो वर्ष पूर्व मैट्रिक परीक्षा दी थी। जब वह अपना मार्कशीट लेने गई तो शिक्षक ने पैसे की मांग की। आर्थिक तंगी के कारण वह पढ़ाई छोड़कर केरल मजदूरी करने चली गई, ताकि रुपये जुटा सके। मेहनत कर रकम इकट्ठी करने के बाद उसने शिक्षक को फोनपे के माध्यम से 10 हजार रुपये दिए, लेकिन इसके बावजूद उसे अंकपत्र नहीं मिला।

उसने कहा कि इस कारण उसकी इंटर की पढ़ाई लगभग दो वर्ष तक प्रभावित रही। बाद में 11वीं में नामांकन तो कराया गया, लेकिन मार्कशीट अब तक नहीं दी गई। छात्रा का आरोप है कि 11वीं के एडमिट कार्ड के समय भी 500 रुपये लिए गए।

बीडीओ से शिकायत, जांच कमेटी गठित

छात्रा छीता किस्कू (पिता सुखदेव किस्कू, निवासी तेगड़ा) ने बुधवार को बीडीओ सह सीओ अंशु कुमार पांडे से मिलकर लिखित शिकायत की। उसने बताया कि पिछले तीन वर्षों से उसका मैट्रिक बोर्ड का अंकपत्र शिक्षक के पास रखा है और बार-बार मांगने पर पैसे की मांग की जाती रही।

इससे पहले भी 11वीं के प्रवेश पत्र के नाम पर 1500 रुपये मांगने की शिकायत दो छात्राओं ने प्रखंड प्रमुख से की थी। मामले की जांच पूरी भी नहीं हुई थी कि यह नया आरोप सामने आ गया।

विद्यालय की वार्डन ममता कुमारी ने बताया कि शिक्षक पर कई गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद उन्हें विद्यालय से हटा दिया गया है। हालांकि उन्होंने कहा कि मार्कशीट से जुड़ा मामला उनके कार्यकाल का नहीं है।

विभाग की ओर से जांच कमेटी गठित कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद विद्यालय प्रबंधन से जुड़े कई तथ्यों के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

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