रांची में निजी स्कूलों पर सख्ती: फी से लेकर री-एडमिशन तक नियम तय, पालन नहीं किया तो कड़ी कार्रवाई; DC की चेतावनी





Ranchi

रांची में निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में मोरहाबादी स्थित आर्यभट्ट सभागार में जिले के निजी विद्यालयों के प्राचार्यों और प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक में CBSE, ICSE और JAC बोर्ड से संबद्ध स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज और अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।

बैठक में उपायुक्त ने सभी निजी स्कूलों को अभिभावक-शिक्षक संघ (PTA) का गठन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अभी तक बहुत कम स्कूलों ने इसकी जानकारी दी है और तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट जमा नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।

विद्यालय स्तर पर शुल्क समिति बनाना भी अनिवार्य किया गया है। यह समिति 10% तक फीस बढ़ोतरी को मंजूरी दे सकती है, जबकि इससे अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति की अनुमति जरूरी होगी। साथ ही सभी स्कूलों को पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों और वर्तमान सत्र 2026-27 की फीस का पूरा ब्योरा 20 अप्रैल तक जमा करने का निर्देश दिया गया है।

प्रशासन ने साफ किया कि अगली कक्षा में प्रमोशन के लिए किसी भी तरह का री-एडमिशन शुल्क नहीं लिया जाएगा। ऐसा करना कानून का उल्लंघन माना जाएगा। वहीं, किसी भी छात्र को वार्षिक परीक्षा में बैठने से रोकना भी गंभीर अपराध माना जाएगा, जिस पर कड़ी कार्रवाई होगी।

किताबों और यूनिफॉर्म को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए हैं। CBSE स्कूलों को केवल NCERT किताबें लागू करनी होंगी और किसी भी विशेष वेंडर से खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य नहीं किया जा सकता। स्कूल परिसर में किताब और यूनिफॉर्म की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।

परिवहन शुल्क और अन्य शुल्कों को भी फीस के दायरे में रखते हुए उसी नियम के तहत नियंत्रित किया जाएगा। साथ ही सभी स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है।

शिकायत निस्तारण के लिए अबुआ साथी पोर्टल और जिला स्तर पर विशेष व्यवस्था की गई है। नियमों का उल्लंघन करने पर 50 हजार से 2.5 लाख रुपये तक का जुर्माना और गंभीर मामलों में RTE मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है।

बैठक में 272 में से 192 स्कूलों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जबकि अनुपस्थित स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है और सभी संस्थानों को पारदर्शिता के साथ काम करना होगा।

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