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भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक संकेतों में कमजोरी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ धमकी और घरेलू कंपनियों के निराशाजनक तिमाही नतीजों ने बाजार की धारणा को कमजोर कर दिया। सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों ही करीब एक प्रतिशत फिसलकर दिन के निचले स्तर पर बंद हुए।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 700 अंकों की गिरावट के साथ 82,898 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 भी 0.80 प्रतिशत टूटकर 25,494 के स्तर पर आ गया। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी एक प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में इस गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 2 लाख करोड़ रुपये घट गया।
विशेषज्ञों के मुताबिक ट्रंप की ओर से यूरोपीय देशों पर संभावित टैरिफ की धमकी से वैश्विक ट्रेड को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। वहीं रिलायंस, ICICI बैंक और HDFC बैंक जैसे बड़े शेयरों के कमजोर तिमाही नतीजों ने भी बाजार को नीचे खींचा। इसके अलावा FIIs की लगातार बिकवाली और यूनियन बजट 2026 से पहले की सतर्कता ने भी निवेशकों को जोखिम लेने से रोके रखा।
