खेलो झारखंड में दम दिखाने उतरे राज्य के हजारों खिलाड़ी, 3 खेलों की प्रतियोगिताओं का शुभारंभ

9th October 2025

9th October 2025

9th October 2025

9th October 2025

9th October 2025

9th October 2025


RANCHI

झारखंड में खेल प्रतिभाओं को निखारने के उद्देश्य से खेलो झारखंड के तहत राज्य स्तरीय वूशु, ताइक्वांडो और तैराकी प्रतियोगिताओं का गुरुवार को भव्य शुभारंभ हुआ। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के अधीन झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) के तत्वावधान में आयोजित इन प्रतियोगिताओं की शुरुआत टाना भगत इंडोर स्टेडियम में संयुक्त उद्घाटन समारोह के साथ हुई।

कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि मधुकांत पाठक, महासचिव, झारखंड ओलंपिक संघ; विशिष्ट अतिथि शिवेंदु दुबे, कोषाध्यक्ष, झारखंड ओलंपिक संघ; संजय झा, महासचिव, योग संघ; मिथलेश कुमार सिंह, उपाध्यक्ष, झारखंड ताइक्वांडो संघ; और उपेंद्र तिवारी सहित कई गणमान्यों ने दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत राज्य खेल कोषांग के सदस्यों ने पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र, पौधा और मोमेंटो भेंट कर किया।

उद्घाटन समारोह में वूशु, ताइक्वांडो और योग खिलाड़ियों ने आकर्षक डेमोंस्ट्रेशन प्रस्तुत किए। प्रतियोगिताएं क्रमशः खेलगांव के ठाकुर विश्वनाथ शाहदेव इंडोर स्टेडियम (वूशु), गणपत राय इंडोर स्टेडियम (ताइक्वांडो) और सिद्धू कान्हु स्विमिंग स्टेडियम (तैराकी) में आयोजित की जा रही हैं।

दिनभर चली प्रतियोगिताओं में राज्य के विभिन्न जिलों से आए हजारों खिलाड़ियों ने वूशु, ताइक्वांडो और तैराकी के अलावा योग, मुक्केबाजी, नेटबॉल, बास्केटबॉल, वेटलिफ्टिंग और मलखंभ में भी शानदार प्रदर्शन किया। सभी प्रतिभागी राज्य स्तरीय टीम में चयन के लिए अपनी पूरी क्षमता झोंकते नजर आए।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि मधुकांत पाठक ने कहा, “एक अच्छा ओलंपियन बनने के लिए 10 हजार घंटे का अभ्यास जरूरी है, लेकिन 16 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों को सप्ताह में 7 से 8 घंटे ही अभ्यास करना चाहिए।” वहीं, शिवेंदु दुबे ने कहा कि “शिक्षा विभाग खेल प्रतिभाओं को निखारने में पूरी तरह समर्पित है और जो सपना हमने देखा था, वह अब साकार होता दिख रहा है।”

कार्यक्रम के अंत में स्वागत भाषण देते हुए धीरसेन ए. सोरेंग, राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, JEPC, ने कहा कि खेलो झारखंड केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि एक संकल्प है—झारखंड के हर गांव, हर स्कूल और हर घर में खेल की भावना को जगाने का। शिक्षा विभाग का प्रयास है कि गांव-गांव से उभरने वाली हर खेल प्रतिभा को समान अवसर मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *