पेपरलेस बजट, टैक्स बदलाव और निवेश पर फोकस
NEW DELHI
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया। बजट भाषण के तुरंत बाद शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली और सेंसेक्स करीब 2100 अंकों तक लुढ़क गया। बजट में टैक्स स्ट्रक्चर, निवेश बढ़ाने और राजकोषीय घाटा कम करने से जुड़े कई अहम ऐलान किए गए।
यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां केंद्रीय बजट है, जो किसी भी वित्त मंत्री के लिए पहली बार हुआ है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी बजट पूरी तरह पेपरलेस फॉर्मेट में पेश किया गया। बजट 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 की अवधि के लिए है और स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार रविवार को बजट प्रस्तुति हुई।
शेयर बाजार से जुड़े प्रमुख ऐलान
बजट में शेयर बायबैक पर कैपिटल गेन टैक्स लगाने की घोषणा की गई। इसके साथ ही STT दर को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% करने का प्रस्ताव रखा गया है। कस्टम ड्यूटी स्ट्रक्चर को सरल बनाने और MAT दर को 15% से घटाकर 14% करने का भी ऐलान किया गया।
निवेश और विकास पर जोर
वित्त मंत्री ने कहा कि देश में करीब 2.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। 2026-27 में राजकोषीय घाटा 4.3% रहने का अनुमान है, जबकि कर्ज-जीडीपी अनुपात 55.6% प्रस्तावित किया गया है। कार्बन अवशोषण योजना के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सेक्टर-वाइज घोषणाएं
बजट में आयुर्वेद के तीन नए अखिल भारतीय संस्थान खोलने की घोषणा की गई। नगर निगमों को बॉन्ड जारी करने पर 100 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया जाएगा। SME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष कोष रखा गया है। AVGC सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने की योजना है।
युवाओं और भविष्य की अर्थव्यवस्था पर फोकस
लोकसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार ने नारेबाजी के बजाय ठोस सुधारों का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि बजट का केंद्र युवाशक्ति, निवेश और विकसित भारत का लक्ष्य है। साथ ही 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत 41% टैक्स ट्रांसफर फॉर्मूला जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
