रांची में रैश ड्राइविंग पर शिकंजा, हाईवे-रिंग रोड पर CCTVसे होगी 24×7 निगरानी; ट्रैफिक पुलिस अलर्ट

Ranchi


राजधानी रांची से सटे इलाकों में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं और रैश ड्राइविंग की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के आसपास के हाईवे और रिंग रोड पर जल्द ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में रांची ट्रैफिक पुलिस ने रिंग रोड अथॉरिटी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएच) को आधिकारिक पत्र भेजा है।

ट्रैफिक पुलिस ने पत्र में बताया है कि रिंग रोड और नेशनल हाईवे पर सीसीटीवी कैमरों की कमी के कारण रैश ड्राइविंग, गलत दिशा में वाहन चलाने और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कई मामलों में तेज और लापरवाह ड्राइविंग के चलते गंभीर सड़क हादसे हो चुके हैं। कैमरे लगने से ऐसे वाहन चालकों की पहचान करना आसान होगा और उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों से आपराधिक गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी। सड़क दुर्घटना होने की स्थिति में कंट्रोल रूम को तुरंत सूचना मिल सकेगी, जिससे पुलिस और एंबुलेंस सेवाएं समय पर मौके पर पहुंच सकेंगी। अभी कई बार हादसों की जानकारी देर से मिलने के कारण घायलों को समय पर मदद नहीं मिल पाती है।

ट्रैफिक पुलिस की ओर से हाईवे और रिंग रोड के उन स्थानों को चिन्हित किया जा रहा है, जहां स्टंटबाजी और रैश ड्राइविंग की घटनाएं ज्यादा होती हैं। इन इलाकों में ट्रैफिक जवानों की तैनाती के साथ-साथ मूविंग इंटरसेप्टर भी लगाए जाएंगे, ताकि नियम तोड़ने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो सके।

पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे लगने से अपराधियों की पहचान और निगरानी भी आसान होगी। कई बार शहरी इलाकों में अपराध कर आरोपी रिंग रोड और हाईवे के रास्ते फरार हो जाते हैं। कैमरों की मदद से संदिग्ध वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी, जिससे लूट, छिनतई और अन्य मामलों के खुलासे में मदद मिलेगी।

ट्रैफिक पुलिस ने रिंग रोड अथॉरिटी और एनएच से इस योजना में सहयोग की अपील की है। प्रस्ताव में प्रमुख जंक्शन, दुर्घटना संभावित क्षेत्र और अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में कैमरे लगाने की बात कही गई है। संबंधित एजेंसियों की सहमति मिलते ही योजना पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा। पुलिस को उम्मीद है कि इस पहल से न केवल सड़क हादसों में कमी आएगी, बल्कि लोगों में ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी।


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