डोरंडा थाने से शाम 6:35 बजे छोड़ी गई गाड़ी, चालान भुगतान को लेकर भी अटका रहा मामला
RANCHI
झारखंड हाईकोर्ट के वरीय अधिवक्ता मनोज टंडन की मर्सिडीज कार को शुक्रवार की शाम डोरंडा पुलिस ने रिलीज कर दिया। हाईकोर्ट ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया था कि शाम साढ़े चार बजे तक वाहन छोड़ दिया जाए। हालांकि पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच घंटों कानूनी दांव-पेंच चलता रहा, जिसके बाद अंततः शाम करीब 6 बजकर 35 मिनट पर डोरंडा थाने से गाड़ी छोड़ी गई।
मामला उस समय और उलझ गया जब वाहन छोड़ने से पहले कटे चालान के भुगतान को लेकर बहस शुरू हो गई। नियमों के अनुसार जब्त वाहन को रिलीज करने से पूर्व बकाया चालान राशि का भुगतान अनिवार्य होता है। इसी बिंदु पर पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच लंबी चर्चा चली।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम कुमार चौधरी की अदालत ने गुरुवार को वाहन रिलीज करने का निर्देश दिया था। अदालत ने मनोज टंडन के विरुद्ध किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर भी रोक लगा दी थी।
जानकारी के अनुसार 17 फरवरी को डोरंडा थाना क्षेत्र में मनोज टंडन की मर्सिडीज से एक युवक की मोटरसाइकिल टकरा गई थी, जिससे बाइक का ब्रेक टूट गया। ब्रेक बनवाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद और नोकझोंक हुई। बताया जाता है कि मनोज टंडन वाहन लेकर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी युवक ने गाड़ी रोकने का प्रयास किया। सामने आए एक वीडियो में युवक मर्सिडीज के बोनट पर खड़ा दिखाई दिया।
घटना के बाद पहले आपसी स्तर पर समझौते की कोशिश की गई, लेकिन देर रात दोनों पक्षों की ओर से डोरंडा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके बाद मनोज टंडन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई पर रोक लगाते हुए वाहन रिलीज करने का आदेश दिया।
