न्यूज डेस्क
नेपाल की राजधानी काठमांडू सोमवार को बड़े विरोध-प्रदर्शन का गवाह बनी। हजारों युवाओं ने सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हालात तब बिगड़े जब कुछ प्रदर्शनकारी संसद परिसर तक पहुंच गए। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले, पानी की तेज बौछार और हवाई फायरिंग का सहारा लिया।
न्यू बनेश्वर इलाके में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प के दौरान एक युवक की मौत हो गई। सिविल अस्पताल के निदेशक मोहन चंद्र रेग्मी ने बताया कि घायल अवस्था में लाए गए युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। वहीं, दर्जनों घायल प्रदर्शनकारी राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।
दरअसल, नेपाल सरकार ने पिछले शुक्रवार से फेसबुक, यूट्यूब और एक्स समेत 26 बिना रजिस्टर्ड प्लेटफॉर्म्स पर रोक लगा दी थी। इस फैसले के बाद से ही युवाओं का गुस्सा भड़क गया। इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के लाखों यूजर्स अचानक कट गए, जिससे लोग नाराज और विरोध के मूड में आ गए।
राष्ट्रध्वज हाथों में लिए और राष्ट्रगान गाते हुए ‘जनरेशन जेड’ के प्रदर्शनकारियों ने विरोध की शुरुआत की। 24 वर्षीय छात्र युजन राजभंडारी का कहना था— “सोशल मीडिया बैन हमें भड़का गया, लेकिन असल कारण भ्रष्टाचार है। हम उस सिस्टम के खिलाफ हैं, जिसने पूरे देश को जकड़ रखा है।” वहीं, 20 वर्षीय इक्षमा तुमरोक ने कहा कि वे सत्तावादी रवैये के खिलाफ खड़े हैं और बदलाव की मांग कर रहे हैं।
