जमशेदपुर: जगन्नाथ केंद्र की आधारशिला सेवा, सद्भाव और संस्कारों की परंपरा को देगी नई दिशा- द्रौपदी मुर्मू



JAMSHEDPUR

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की गरिमामयी उपस्थिति में कदमा, जमशेदपुर में ‘श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एवं कल्चरल चैरिटेबल सेंटर’ के भूमि पूजन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर संतोष कुमार गंगवार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लौहनगरी जमशेदपुर केवल उद्योगों का केंद्र नहीं, बल्कि अनुशासन, श्रम, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की परंपरा का जीवंत प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि इस नगर की पहचान विश्वविख्यात औद्योगिक समूह टाटा समूह तथा विशेष रूप से टाटा स्टील से जुड़ी है। जमशेदजी टाटा का स्वप्न केवल औद्योगिक प्रगति तक सीमित नहीं था, बल्कि राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा की व्यापक सोच से प्रेरित था। यही कारण है कि जमशेदपुर एक आदर्श नगर के रूप में प्रतिष्ठित है, जहाँ उद्योग और मानवीय संवेदना का संतुलित समन्वय देखने को मिलता है।

राज्यपाल ने कहा कि ऐसी पावन कर्मभूमि पर भगवान जगन्नाथ के नाम से आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना अत्यंत सार्थक है। ‘जगन्नाथ’ समस्त जगत के स्वामी हैं, जो करुणा, समावेश और लोक-कल्याण की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ की महिमा देश-विदेश में सर्वव्यापी है। जगन्नाथ मंदिर, पुरी से प्रारंभ होने वाली विश्वविख्यात रथ यात्रा आस्था और सांस्कृतिक उल्लास का प्रतीक है, जो ओडिशा और झारखंड सहित पूरे देश को आध्यात्मिक सूत्र में जोड़ती है। रांची, जमशेदपुर और राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी यह पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि आस्था सीमाओं में बंधी नहीं होती, बल्कि समाज को जोड़ने और राष्ट्र की एकता को सुदृढ़ करने का माध्यम बनती है। इस आध्यात्मिक केंद्र की आधारशिला केवल एक भवन निर्माण का आरंभ नहीं, बल्कि सेवा, सद्भाव और संस्कारों की मूल्य-परंपरा की स्थापना है। यह केंद्र आने वाली पीढ़ियों को सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व की प्रेरणा देगा।

राज्यपाल ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘श्री जगन्नाथ स्पिरिचुअल एवं कल्चरल चैरिटेबल सेंटर’ भविष्य में भक्ति, संस्कृति और सेवा की त्रिवेणी बनकर समाज को नई दिशा देगा और जन-कल्याण की प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

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