दिल्ली की हवा पर गुस्सा फूटा: इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन, ‘हम लेकर रहेंगे आज़ादी’ के नारे गूंजे

9th November 2025

New Delhi

दिल्ली की हवा के साथ रविवार की शाम का माहौल भी गरमा गया। प्रदूषण और हालिया सुप्रीम कोर्ट आदेश के खिलाफ बड़ी संख्या में लोग इंडिया गेट के पास जमा हो गए। नारे लगे — वी वॉन्ट जस्टिस” और हम लेकर रहेंगे आज़ादी”। प्रदर्शन बढ़ता देख पुलिस ने एहतियातन कर्तव्य पथ को बंद कर दिया और इलाके में भारी सुरक्षा तैनात कर दी।

अर्धसैनिक बलों के साथ दिल्ली पुलिस के जवानों ने इंडिया गेट की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेड लगा दिए। मानसिंह रोड के पास कई प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया गया। माहौल तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में ले लिया।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इंडिया गेट पर किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। केवल जंतर-मंतर को ही प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित किया गया है। इसलिए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई।

प्रदर्शन का कारण

एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, विरोध करने वालों में पर्यावरण कार्यकर्ताओं के अलावा वे संगठन भी शामिल थे जो सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाने के हालिया आदेश के विरोध में हैं। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “सरकार को जानवर नहीं, पॉल्यूशन हटाना चाहिए।”

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा

प्रदूषण को लेकर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निजी एयर क्वालिटी मॉनिटर्स में कई इलाकों का AQI 999 से ऊपर पहुंच चुका है, लेकिन सरकार अब तक ठोस कदम नहीं उठा पाई है। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम सांस लेने का अधिकार मांग रहे हैं, और जवाब में पुलिस हमें हिरासत में ले रही है। न लॉकडाउन, न कोई ठोस ऐक्शन — सिर्फ क्लाउड सीडिंग की बातें हो रही हैं।”

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सवाल

कई प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश पर नाराजगी जताई जिसमें सार्वजनिक जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने की बात कही गई थी। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “लोग इनहेलर पर हैं, पॉल्यूशन से जूझ रहे हैं, और कोर्ट जानवरों पर चर्चा कर रहा है। ऐसे आदेशों से कोर्ट खुद अपना मज़ाक बना रहा है।”

‘कोई छिपा एजेंडा नहीं’

पर्यावरण कार्यकर्ता भावरीन कंधारी ने कहा, “हमने मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा था, लेकिन जवाब नहीं मिला। दिल्ली में प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर है। GRAP के नियम लागू नहीं किए गए और कोई सलाह भी जारी नहीं हुई। हम किसी राजनीतिक मकसद से नहीं आए, हम सब माता-पिता हैं, और बस अपने बच्चों के लिए सांस लेने की हवा मांग रहे हैं।”

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