Murshidabad
मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार, 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद की आधारशिला रखी। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग जुटे और कई लोग ट्रैक्टर, ई-रिक्शा और सिर पर ईंट लेकर स्थल की ओर पहुंचे।
कबीर की घोषणा के बाद से प्रशासन सतर्क था। बेलडांगा और रानीनगर थाना क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए। केंद्रीय बलों की 19 टीमों, RAF, BSF और राज्य पुलिस मिलाकर 3,000 से अधिक जवान तैनात रहे।
मामला कलकत्ता हाई कोर्ट भी पहुँचा था, लेकिन अदालत ने मस्जिद निर्माण में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया और राज्य सरकार को कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
हुमायूं कबीर ने 25 नवंबर को 6 दिसंबर को मस्जिद की नींव रखने की घोषणा की थी। बताया गया कि टीएमसी ने उन्हें इस कार्यक्रम से पीछे हटाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर 4 दिसंबर को पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया।
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा कि कोई भी नागरिक निजी भूमि पर किसी भी धार्मिक ढांचे का निर्माण कर सकता है, लेकिन सवाल इरादे और राजनीति का है। उन्होंने भाजपा पर माहौल को सांप्रदायिक रूप देने का आरोप लगाया।
वहीं भाजपा ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार वोट बैंक की राजनीति के तहत राज्य में तनाव पैदा कर रही है। भाजपा ने कहा कि हुमायूं कबीर को अनुमति देकर राज्य सरकार “संवेदनशील मुद्दे के साथ जोखिम उठा रही है”। हुमायूं कबीर ने दावा किया कि “स्थानीय और राज्य पुलिस उनका समर्थन कर रही है” और कहा कि बंगाल की जनता “वोट बैंक आधारित राजनीति से नाराज़ है।”
