धोनी के फार्म में टमाटर की बहार, इस सीजन ऑर्गेनिक खेती बनी चर्चा का केंद्र; बाजार में बढ़ी डिमांड


43 एकड़ के फार्म में उन्नत किस्मों की पैदावार, बाजार में बढ़ी डिमांड




RANCHI

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी इन दिनों अपने खेल नहीं, बल्कि खेती को लेकर चर्चा में हैं। राजधानी रांची के पास संबो गांव स्थित उनके फार्महाउस में इस सीजन टमाटर की खास बहार है।

करीब 43 एकड़ में फैले इस फार्म में लगभग 38 एकड़ भूमि पर नियमित खेती की जाती है। हालांकि यहां कई तरह की सब्जियां और फल उगाए जाते हैं, लेकिन इस बार फोकस विशेष रूप से टमाटर की उन्नत और विविध किस्मों पर रखा गया है। पूरी तरह जैविक पद्धति से तैयार की जा रही फसल अब बाजार तक पहुंचने लगी है।

फार्म से जुड़े लोगों के अनुसार इस बार मौसम अनुकूल रहा और वैज्ञानिक तरीके से की गई तैयारी का सकारात्मक असर पैदावार पर दिखा है। यहां लाल, देसी, चेरी और हाईब्रिड किस्मों के टमाटर लगाए गए हैं। आकार, स्वाद और गुणवत्ता के कारण इनकी अलग पहचान बन रही है। रांची के थोक और खुदरा बाजारों में इन टमाटरों की मांग बढ़ी है, वहीं बाहर के व्यापारियों ने भी रुचि दिखाई है।

धोनी के फार्म में टमाटर की खेती बिना रासायनिक खाद और कीटनाशकों के की जाती है। प्राकृतिक खाद के रूप में गोबर और जैविक मिश्रण का उपयोग किया जाता है। कीट नियंत्रण के लिए पारंपरिक और प्राकृतिक उपाय अपनाए जाते हैं। यही वजह है कि यहां तैयार टमाटर स्वाद और ताजगी के लिए अलग पहचान बना रहे हैं।

हालांकि फार्म में गोभी, मटर, ब्रोकोली, कद्दू, भिंडी और बैंगन जैसी सब्जियां तथा अनानास, आम, अमरूद और पपीता जैसे फल भी उगाए जा रहे हैं। स्ट्रॉबेरी की खेती भी जारी है, लेकिन इस सीजन बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा टमाटर को लेकर है।

फार्म के केयरटेकर के अनुसार इस बार टमाटर की खेती पर विशेष ध्यान दिया गया है। पूरी फसल प्राकृतिक खाद और जैविक घोल के सहारे तैयार की गई है। मौसम के सहयोग से उत्पादन बेहतर हुआ है और बाजार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह जैविक और वैज्ञानिक तरीके से खेती की जाए तो स्थानीय स्तर पर सब्जी उत्पादन को नई दिशा मिल सकती है। धोनी का यह प्रयास दिखाता है कि आधुनिक सोच और प्राकृतिक खेती का संतुलन बेहतर परिणाम दे सकता है। इस सीजन टमाटर की बेहतर उपज ने एक बार फिर उनके फार्म को चर्चा में ला दिया है।

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