विधानसभा: हफीजुल हसन का बड़ा दावा, 50 साल की कमी 5 साल में पूरी करेंगे, सिंचाई योजनाओं में विस्तार

विधानसभा के बजट सत्र में हफीजुल हसन का दावा, 50 साल का काम पांच साल में पूरा करेंगे, जल संसाधन योजनाओं पर मंत्री का भरोसा, सिंचाई से बढ़ेगी किसानों की समृद्धि

RANCHI


झारखंड विधानसभा में जल संसाधन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मंत्री हफीजुल हसन ने सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए आगामी परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जो काम पिछले 50 वर्षों में नहीं हो सका, उसे राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में पूरा करने का प्रयास करेगी।

मंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत वीर शहीदों और दिशोम गुरु शिबू सोरेन को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और जहां पानी की उपलब्धता होती है, वहीं विकास और समृद्धि के रास्ते खुलते हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार राज्य के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है।

कटौती प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मंत्री ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि केवल भाषण देने से काम नहीं चलता, योजनाओं के लिए औपचारिक अनुशंसा और प्रस्ताव भी जरूरी होते हैं। उन्होंने भाजपा विधायकों के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार लंबित योजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने बताया कि बाल पहाड़ी गांडे मेगा सिंचाई योजना से गिरिडीह, धनबाद और जामताड़ा जिलों के करीब 37 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा खूंटी जिले के अड़की और मुरहू प्रखंड के लिए चारा उल्हा पाइपलाइन सिंचाई योजना पर भी कार्य किया जाएगा।

सिमडेगा में हैपाला मेगा सिंचाई योजना और पूर्वी सिंहभूम में पटमदा-बोड़ाम मेगा सिंचाई योजना को भी आगे बढ़ाने की तैयारी है। वहीं सिकिया और मसलिया सिंचाई योजनाओं के पहले चरण का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।

वित्तीय व्यवस्था के मुद्दे पर मंत्री ने केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले बड़ी सिंचाई परियोजनाओं में केंद्र की हिस्सेदारी अधिक होती थी, लेकिन अब राज्य सरकार को अधिक आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।

मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों की समृद्धि और राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि “जल बचेगा तो कल सजेगा” और हर खेत तक पानी पहुंचाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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