Ranchi
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) झारखंड राज्य परिषद के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 फरवरी की आम हड़ताल के समर्थन में रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर चक्का जाम किया गया। सुबह करीब 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चला यह प्रदर्शन लगभग ढाई घंटे तक जारी रहा।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ वाम दलों के कार्यकर्ता झंडा, बैनर और तख्तियों के साथ सड़क पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान गगनभेदी नारे लगाए गए। पुलिस हस्तक्षेप के बावजूद प्रदर्शनकारी डटे रहे।
12 बजे जुलूस निकाला गया, जो कचहरी चौक होते हुए फिर अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचकर समाप्त हुआ। प्रदर्शन का नेतृत्व CPI के राज्य सचिव महेंद्र पाठक, जिला सचिव अजय कुमार सिंह, कर्मचारी संघ के सुनील कुमार, CPM के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, माले के राज्य सचिव मनोज भट्ट, शुभेंदु सेन, सुखनाथ लोहार, नंदिता भट्टाचार्य और दुकानदार संघ के विकास कुमार समेत अन्य नेताओं ने किया।
नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर और किसान विरोधी हैं। चार लेबर कोड के जरिए मजदूरों के अधिकार कमजोर किए गए हैं। मनरेगा को समाप्त करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इससे असंगठित मजदूरों पर असर पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि देशभर में कोयला खदान, बैंक, एलआईसी, सार्वजनिक क्षेत्र और कई निजी प्रतिष्ठान बंद रहे तथा लगभग 40 करोड़ मजदूर, किसान और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए।
हड़ताल की सफलता का दावा करते हुए वाम दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की और जन-विरोधी कानूनों को वापस लेने की बात कही।
12 फरवरी आम हड़ताल का असर, अल्बर्ट एक्का चौक पर वाम दलों का चक्का जाम; मजदूर विरोधी नीतियों पर केंद्र को घेरा
Nationwide Strike Support: CPI Blocks Albert Ekka Chowk in Ranchi
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रांची
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) झारखंड राज्य परिषद के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 फरवरी की आम हड़ताल के समर्थन में रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर चक्का जाम किया गया। सुबह करीब 9:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चला यह प्रदर्शन लगभग ढाई घंटे तक जारी रहा।
केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ वाम दलों के कार्यकर्ता झंडा, बैनर और तख्तियों के साथ सड़क पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान गगनभेदी नारे लगाए गए। पुलिस हस्तक्षेप के बावजूद प्रदर्शनकारी डटे रहे।
12 बजे जुलूस निकाला गया, जो कचहरी चौक होते हुए फिर अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचकर समाप्त हुआ। प्रदर्शन का नेतृत्व CPI के राज्य सचिव महेंद्र पाठक, जिला सचिव अजय कुमार सिंह, कर्मचारी संघ के सुनील कुमार, CPM के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव, माले के राज्य सचिव मनोज भट्ट, शुभेंदु सेन, सुखनाथ लोहार, नंदिता भट्टाचार्य और दुकानदार संघ के विकास कुमार समेत अन्य नेताओं ने किया।
नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां मजदूर और किसान विरोधी हैं। चार लेबर कोड के जरिए मजदूरों के अधिकार कमजोर किए गए हैं। मनरेगा को समाप्त करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इससे असंगठित मजदूरों पर असर पड़ेगा।
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि देशभर में कोयला खदान, बैंक, एलआईसी, सार्वजनिक क्षेत्र और कई निजी प्रतिष्ठान बंद रहे तथा लगभग 40 करोड़ मजदूर, किसान और कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए।
हड़ताल की सफलता का दावा करते हुए वाम दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की और जन-विरोधी कानूनों को वापस लेने की बात कही।
