‘सामान्य लोक साहित्य’ पुस्तक का लोकार्पण, लोकभाषा और जनजीवन के अध्ययन को नई दिशा

Ranchi


झारखंड की लोक-सांस्कृतिक परंपरा और जनजीवन पर आधारित महत्वपूर्ण कृति “सामान्य लोक साहित्य” का विमोचन झारखंड के राज्यपाल सह कुलाधिपति संतोष कुमार गंगवार द्वारा लोक भवन, रांची में संपन्न हुआ। यह पुस्तक खोरठा भाषा विभाग, रांची विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. निरंजन कुमार महतो द्वारा लिखित है। विमोचन अवसर पर राज्यपाल ने लेखक को बधाई देते हुए इसे लोकपरंपरा के दस्तावेजीकरण की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया।
“सामान्य लोक साहित्य” पुस्तक आम जनजीवन, लोकभाषा और संस्कृति के विविध आयामों पर आधारित एक शोधपरक एवं व्यवस्थित कृति है। इसमें लोक साहित्य की अवधारणा, लोकगीत, लोककथा, लोकगाथा, लोकनाट्य, लोकोक्ति, मुहावरा, पहेली और लोक मंत्र जैसे प्रमुख पक्षों का विस्तृत विवेचन प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक विशेष रूप से विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए उपयोगी मानी जा रही है।
विमोचन समारोह में झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष एवं मानवशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश उरांव, खोरठा भाषा विभागाध्यक्ष डॉ. कुमारी शशि, झारखंड सरकार आरटीए सदस्य डॉ. तालकेश्वर महतो तथा मानवशास्त्री डॉ. निलेश निशिकांत प्रधान सहित कई शिक्षाविद और साहित्यप्रेमी उपस्थित थे। वक्ताओं ने कहा कि यह पुस्तक लोकसाहित्य के शैक्षणिक अध्ययन को सरल, प्रामाणिक और संदर्भसमृद्ध आधार प्रदान करेगी।

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