खुमैनी की मौत के बाद अमेरिका–इजरायल का ऐतिहासिक अटैक, मिडिल ईस्ट वैश्विक जंग के मुहाने पर

खुमैनी की मौत के बीच मिसाइलों की गड़गड़ाहट, तेहरान से जवाबी हमला

Central Desk

28 फरवरी 2026 को संयुक्त रूप से United States और Israel ने Iran पर ऐतिहासिक पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इसे Operation Epic Fury और इजरायल ने इसे Operation Lion’s Roar नाम दिया। इन हवाई और मिसाइल हमलों में तेहरान, इस्पहान, क़ोम और कई प्रमुख सैन्य ठिकानों पर बमबारी की गई, जिसमें हाल तक ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि रिपोर्ट्स भी सामने आई हैं, ईरानी मीडिया ने 40 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की है। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने शुरुआती प्रतिक्रिया में खामेनेई की स्थिति सुरक्षित बताई है, लेकिन व्यापक नुकसान और नेतृत्व के कुछ हिस्सों पर तबाही की खबरें आई हैं।

हमले में भारी विनाश हुआ और कई स्थानीय नागरिकों की भी मौत हुई हैं; रिपोर्टों के अनुसार 200 से अधिक लोग मारे गए और सैकड़ों घायल हुए हैं। हज़ारों लोग भय और अनिश्चितता के कारण शहरों से भाग रहे हैं, और तेल, बिजली तथा वित्तीय सेवाओं पर असर पड़ा है। एबीपी लाइव ने बताया कि मिनाब में एक एयरस्ट्राइक में 50 से अधिक छात्राओं की मौत भी हुई है।

ईरान ने कुछ घंटों के भीतर जवाबी कार्रवाई शुरू की। तेहरान से मिसाइलें दागी गईं, कई तटीय और मध्य पूर्व स्थित क्षेत्रों में अमेरिकी व इजरायली ठिकानों पर मिसाइल अलर्ट बजाया गया, और संघर्ष क्षेत्र में एयरस्पेस बंद कर दिया गया। विरोधी हमलों के बीच ईरान के बलों ने कई प्रक्षेपास्त्र और ड्रोन का उपयोग किया।

घटना का वैश्विक प्रभाव भी गंभीर है। Strait of Hormuz में पारगमन में भारी गिरावट आई है, जिससे तेल के पारगमन में दिक्कतें उत्पन्न हुईं और ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है क्योंकि लगभग 20% वैश्विक तेल इसी मार्ग से गुजरता है। कई एयरलाइंस ने खाड़ी क्षेत्र की उड़ानों को निलंबित कर दिया है और देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का आदेश दिया है।

इस बड़े संघर्ष ने क्षेत्रीय शक्तियों के समीकरण को बदल दिया है। कुछ मध्य पूर्व सहयोगी ईरान के समर्थन में खड़े हैं, जबकि पश्चिमी देश अमेरिका और इजरायल के साथ खड़े हैं। कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने कूटनीतिक समाधान का आह्वान किया है और युद्ध के जोखिम को कम करने की कोशिशें जारी हैं। इस समय विश्लेषक चेतावनी दे रहे हैं कि यदि यह संघर्ष और बढ़ा तो यह केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर बड़े युद्ध का रूप ले सकता है, जिसमें बड़ी शक्तियाँ भी शामिल हो सकती हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *