549 पेज के फैसले में सबूतों की कमी का जिक्र, सीबीआई की जांच पर उठे सवाल
NEW DELHI
आम आदमी पार्टी के संयोजक Arvind Kejriwal को दिल्ली की अदालत से बड़ी राहत मिली है। Rouse Avenue Court ने शराब नीति मामले में अरविंद केजरीवाल, Manish Sisodia समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया। राहत पाने वालों में पूर्व सांसद K. Kavitha भी शामिल हैं। हालांकि इस फैसले को Central Bureau of Investigation ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
549 पेज के फैसले में अदालत ने कहा कि शराब नीति बनाने में किसी तरह की गड़बड़ी के ठोस सबूत नहीं मिले। अदालत ने जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए। फैसला सुनते समय अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए और उन्होंने खुद को “कट्टर ईमानदार” बताया।
इस मामले में बरी हुए अन्य आरोपियों में कुलदीप सिंह, नरेंद्र सिंह, विजय नायर, अभिषेक बोइनपल्ली, अरुण रामचंद्र पिल्लई, मूथा गौतम, समीर महेंद्रू, अमनदीप सिंह ढल्ल, अर्जुन पांडेय, बुच्चीबाबू गोरंटला, राजेश जोशी, दामोदर प्रसाद शर्मा, प्रिंस कुमार, अरविंद कुमार सिंह, चनप्रीत सिंह रायट, दुर्गेश पाठक, अमित अरोड़ा, विनोद चौहान, आशीष चंद माथुर और शरथ चंद्र रेड्डी शामिल हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज रही। Bharatiya Janata Party ने इसे तकनीकी आधार पर मिली राहत बताया, जबकि Indian National Congress ने पंजाब चुनाव के संदर्भ में सवाल उठाए। वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री M. K. Stalin सहित कई विपक्षी नेताओं ने केजरीवाल को बधाई दी।
इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि क्या यह निर्णय आम आदमी पार्टी के लिए नई ऊर्जा साबित होगा। दिल्ली की राजनीति में एक समय 70 में से 67 सीट जीतने वाले केजरीवाल को हालिया चुनावी झटकों के बाद यह फैसला बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि आगे की कानूनी और राजनीतिक लड़ाई किस दिशा में जाती है।
