Sahibganj
झारखंड के साहिबगंज जिले में केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर–मुफ्त बिजली योजना के तहत 10 गांवों का चयन किया गया है, जिन्हें सोलर विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य गांवों को स्वच्छ, सस्ती और आत्मनिर्भर ऊर्जा से जोड़ना है। चयनित गांवों के बीच आपसी प्रतियोगिता भी कराई जाएगी, जिसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले गांव को केंद्र सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
चयनित गांवों में हाजीपुर, लखी साजनपुर, गंगा प्रसाद पूर्व, जोंका, सरफराजगंज, बेगमगंज, जामनगर, श्रीधर, मिर्जापुर और पलासबोना शामिल हैं। योजना के तहत इन गांवों के सभी स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, पंचायत भवनों और अन्य सरकारी इमारतों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा।
इस योजना की नोडल एजेंसी जरेडा (JREDA) को छह महीने के भीतर चयनित गांवों में अधिक से अधिक लाभुकों को पीएम सूर्य घर योजना और पीएम कुसुम योजना से आच्छादित करने का लक्ष्य दिया गया है। जिन गांवों में अधिकतम सोलर क्षमता स्थापित की जाएगी, उसे मॉडल सोलर विलेज घोषित किया जाएगा। योजना के अनुसार उन्हीं गांवों को चुना गया है, जिनकी आबादी 2011 की जनगणना के मुताबिक पांच हजार से अधिक है।
योजना का मुख्य उद्देश्य चयनित गांवों को विकेंद्रित नवीकरणीय ऊर्जा का आदर्श मॉडल बनाना है। इसके तहत रूफटॉप सोलर सिस्टम, सोलर पंप, सोलर स्ट्रीट लाइट और सामुदायिक सोलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे, ताकि गांव को 24×7 स्वच्छ और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराई जा सके।
ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार इस योजना पर तेजी से काम कर रही है। इससे बिजली बिल और सिंचाई के लिए डीजल या परंपरागत बिजली पर निर्भरता खत्म होगी। ग्रामीण अब अपने सोलर सिस्टम और सोलर पंप के जरिए सिंचाई के साथ बिजली उत्पादन भी कर सकेंगे।
पीएम कुसुम योजना के तहत जिला कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के माध्यम से किसानों को दो, तीन और पांच एचपी के सोलर पंप सेट दिए जा रहे हैं। जिले में अब तक 160 ऑनलाइन आवेदनों में से 119 किसान इच्छुक पाए गए हैं, जबकि 35 किसानों ने अपना अंशदान जमा कर दिया है। वहीं पीएम सूर्य घर योजना के तहत अभी तक चार लाभुकों को जोड़ा गया है।
जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का ने कहा कि पीएम कुसुम योजना के प्रति किसानों का रुझान बढ़ रहा है और चयनित गांवों में अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे किसानों को सिंचाई और घरेलू बिजली दोनों में राहत मिलेगी।
