झारखंड साहित्य पुरस्कार की घोषणा: माटी से जुड़े रचनाकारों, लिपि आविष्कारक को मिलेगा सम्मान

ओलचिकी और वारंगक्षिति के जनकों को मरणोपरांत सम्मान, बहुभाषिक रचनाकारों का चयन

RANCHI

अखिल झाड़खंड साहित्य अकादेमी ने “साहित्य पुरस्कार–2026” की औपचारिक घोषणा करते हुए झारखंड की विविध मातृभाषाओं और लिपि परंपराओं को संरक्षित और समृद्ध करने वाले रचनाकारों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। पुरस्कार समारोह 21 फरवरी को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर रांची स्थित प्रेस क्लब में आयोजित किया जाएगा।

अकादेमी ने लिपि-आविष्कार के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान के लिए पंडित रघुनाथ मुर्मू (ओलचिकी) और लाको बोदरा (वारंगक्षिति) को मरणोपरांत साहित्य सम्मान देने की घोषणा की है। यह निर्णय आदिवासी भाषाई अस्मिता और लिपि संरक्षण के प्रयासों को संस्थागत मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वर्ष 2026 के लिए विभिन्न भाषाओं में चयनित रचनाकारों और कृतियों की सूची भी जारी की गई है। संताली भाषा में सुन्दर टुडू को “आगाम रेयाग नागाम आर संताड़ी धोरोम शास्त्र”, कुड़ुख में डॉ नारायण उरांव को “तोलौंग सिकी उद्भव एवं विकास”, खोरठा में चितरंजन महतो को “जिनगीक टोह”, नागपुरी में क्षितिज कुमार राय को “रूपु” तथा पंचपरगनिया में डॉ दीनबंधु महतो को “राम किस्ट केर” के लिए चयनित किया गया है।

अकादेमी ने स्पष्ट किया है कि हो, मुंडारी और खड़िया भाषाओं के लिए इस वर्ष चयन प्रक्रिया फिलहाल लंबित है, जिसकी घोषणा आगामी चरण में की जाएगी।

समारोह में राज्यपाल को मुख्य अतिथि तथा रामेश्वर उरांव को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। अकादेमी के संस्थापक एवं अध्यक्ष सूर्य सिंह बेसरा ने कहा कि संस्थान झारखंडी भाषाओं के संरक्षण, शोध और सृजनात्मक लेखन को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यह भी कहा कि राम दयाल मुंडा और बी.पी. केशरी के अधूरे भाषाई और सांस्कृतिक स्वप्नों को आगे बढ़ाना अकादेमी का मूल उद्देश्य है।

आमसभा की अध्यक्षता सूर्य सिंह बेसरा ने की, जबकि संचालन अकादेमी की सचिव डॉ सबिता केशरी ने किया। बैठक में उपाध्यक्ष डॉ बीरबल महतो सहित विभिन्न भाषाई प्रकोष्ठों के संयोजक और कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।

यह आयोजन झारखंड की बहुभाषिक साहित्यिक परंपरा को राष्ट्रीय विमर्श में सशक्त रूप से स्थापित करने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *