उम्र सीमा छूट मामले में 264 अभ्यर्थियों को अंतरिम आदेश, रिजल्ट प्रकाशन पर भी शर्त
RANCHI
झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2025 में उम्र सीमा में छूट की मांग को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने 264 अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत दी है। अदालत ने जेपीएससी को निर्देश दिया है कि इन अभ्यर्थियों को एक अलग लिंक उपलब्ध कराकर ऑनलाइन आवेदन भरने की अनुमति दी जाए।
न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत ने स्पष्ट कहा कि याचिकाकर्ता आज उपलब्ध कराए गए विशेष लिंक के माध्यम से अपना फॉर्म भरेंगे और झारखंड लोक सेवा आयोग उसे स्वीकार करेगा।
मामले में संगीता कुमारी एवं अन्य तथा दीपक कुमार एवं अन्य समेत कुल 264 याचिकाएं दाखिल की गई हैं। अभ्यर्थियों ने अधिकतम उम्र सीमा में छूट देने की मांग करते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स ने कोर्ट को बताया कि पूर्व की सिविल सेवा परीक्षाओं में अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी गई थी, जिसका आधार वर्ष 2017 तय किया गया था। लेकिन आगामी परीक्षा में उम्र सीमा 1 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है, जिससे कई अभ्यर्थी वंचित हो रहे हैं।
कोर्ट ने टिप्पणी की कि जेपीएससी की नियमावली के अनुसार हर वर्ष परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए और उम्र सीमा में छूट का प्रावधान भी है। पिछले दो परीक्षाओं में इसका लाभ दिया गया था, इसलिए इस बार भी अभ्यर्थियों को राहत मिलनी चाहिए।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 की सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन की अंतिम तिथि शनिवार निर्धारित की गई है। अदालत ने अपने अंतरिम आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि इन 264 अभ्यर्थियों का परिणाम कोर्ट की अनुमति के बिना प्रकाशित नहीं किया जाएगा। मामले में राज्य सरकार और जेपीएससी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई एक अप्रैल को होगी।
