सहायक आचार्य भर्ती विवाद: हाईकोर्ट की JSSC को फटकार- अधिक अंक वालों को बाहर क्यों किया?

20th November 2025




Ranchi
सहायक आचार्य (गणित व विज्ञान) भर्ती के संशोधित परिणाम पर झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि आखिर किस नियम के तहत अधिक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को सूची से बाहर कर दिया गया, जबकि कम अंक पाने वालों को संशोधित रिजल्ट में शामिल रखा गया। अदालत ने कहा कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए, और ऐसी विसंगतियों का तार्किक आधार स्पष्ट किया जाए।

यह मामला किशोर कुमार एवं अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान उठा। अधिवक्ता चंचल जैन ने बताया कि याचिकाकर्ताओं का नाम प्रारंभिक परिणाम में शामिल था और वे जिला स्तरीय काउंसलिंग में भी उपस्थित हुए थे। काउंसलिंग के दौरान सभी उम्मीदवारों के अंक भी साझा किए गए थे।

लेकिन संशोधित परिणाम में कई याचिकाकर्ताओं को बाहर कर दिया गया, जबकि उनसे कम अंक प्राप्त करने वाले कई उम्मीदवारों को सूची में बनाए रखा गया। कोर्ट को यह भी बताया गया कि ऐसे 15–20 से अधिक उदाहरण सामने आए हैं, जहां कम अंक वालों को जगह मिली है, लेकिन अधिक अंक वाले उम्मीदवारों को बाहर कर दिया गया।

अधिवक्ता ने दलील दी कि सभी याचिकाकर्ताओं के अंक अपने वर्ग में ऊंचे थे और वे TET उत्तीर्ण भी हैं। ऐसे में उनका बाहर होना चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। इस पर कोर्ट ने तीखे शब्दों में JSSC से पूछा कि जब अधिक अंक वाले उम्मीदवार मौजूद थे, तो कम अंक वालों को संशोधित सूची में बनाए रखने का तर्क क्या था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के लिए पद सुरक्षित रखने का अंतरिम आदेश पारित किया है। साथ ही अदालत ने JSSC को निर्देश दिया है कि वह अपने काउंटर-अफिडेविट में स्पष्ट करे कि किन कारणों से अधिक अंक पाने वाले उम्मीदवारों को संशोधित परिणाम से बाहर किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *