RANCHI
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक संपन्न हुई। 5 फरवरी को हुई इस कैबिनेट बैठक में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने मंत्रियों के साथ मीडिया से बातचीत की, जहां उन्होंने केंद्र सरकार और केंद्रीय बजट को लेकर तीखा हमला बोला।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को ध्यान से देखने की जरूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि कृषि हो या कोई और सेक्टर, इस बजट में ऐसा क्या है जिससे आम जनता को राहत मिली हो। सीएम ने आरोप लगाया कि बजट में आम लोगों की जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
कोयला, खनिज और लोहा महंगे होने से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री और अधिक मुखर नजर आए। उन्होंने कहा कि सिर्फ खनिज संसाधनों की बात नहीं करनी चाहिए, बल्कि यह भी देखना चाहिए कि रोजमर्रा की जरूरी चीजें सस्ती हुईं या नहीं। सीएम ने कहा कि इस बजट में तो दाल और चावल जैसी आवश्यक वस्तुएं भी महंगी हो गई हैं, फिर इसे विकास कैसे कहा जा सकता है।
असम दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने वहां के चाय बागान मजदूरों की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि असम में आज भी मजदूरों की हालत चिंताजनक है और वहां गुलामी जैसी स्थिति दिखाई देती है। सीएम ने कहा कि वहां ऐसा महसूस होता है जैसे देश के भीतर ही कोई और देश हो, जहां अब भी अंग्रेजी हुकूमत की छाया नजर आती है।
मुख्यमंत्री के इन बयानों के बाद राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में बजट को लेकर बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
