Ranchi
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने हरमू रोड स्थित मारवाड़ी भवन में झारखण्ड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी सहायक समिति द्वारा आयोजित त्रि-दिवसीय ‘मारवाड़ महोत्सव–2026’ के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि राजस्थान और मारवाड़ी समाज की समृद्ध सामाजिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत को झारखण्ड की धरती पर जीवंत रूप में प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास है।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजन विविधतापूर्ण भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में अहम भूमिका निभाते हैं। महोत्सव के तहत पारंपरिक लोकनृत्य, लोकसंगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, पारंपरिक व्यंजन, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया है, जो सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक विविधता का सुंदर उदाहरण हैं।
उन्होंने कहा कि यह महोत्सव प्रधानमंत्री के ‘विकास के साथ विरासत’ और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार करता है। राज्यपाल ने मारवाड़ी समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि परोपकार, सेवा-भाव, अनुशासन, श्रम, ईमानदारी और उद्यमशीलता इस समाज की पहचान रही है। व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में मारवाड़ी समाज ने देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राज्यपाल ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के बरेली से आते हैं, जहां उन्होंने मारवाड़ी समाज के सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों को करीब से देखा है। उन्होंने विश्वास जताया कि झारखण्ड विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनेगा, और इसमें मारवाड़ी समाज का योगदान हमेशा की तरह अहम रहेगा।
