प्रकृति के साथ जीने की सीख देती जनजातीय विरासत, रांची में CMS VATAVARAN फिल्म फेस्टिवल का शुभारंभ

 

RANCHI

रांची के ऑड्रे हाउस में आयोजित “CMS VATAVARAN रांची ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल” का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि “Roots & Renewal: Indigenous Knowledge, Youth Voices, Planetary Stewardship” विषय आज के दौर में बेहद प्रासंगिक है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपनी जड़ों से जुड़े बिना पृथ्वी के भविष्य को सुरक्षित नहीं रखा जा सकता और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देना समय की मांग है।

राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि फिल्में केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को दिशा देने की ताकत रखती हैं। दृश्य-श्रव्य माध्यम का असर गहरा और स्थायी होता है। जब पर्यावरण जैसे गंभीर मुद्दों को संवेदनशील और रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया जाता है, तो वे समाज की सोच पर असर डालते हैं।

उन्होंने झारखंड की जनजातीय जीवन-पद्धति का जिक्र करते हुए कहा कि यहां की परंपराएं प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का जीवंत उदाहरण हैं। जैव-विविधता की रक्षा यहां की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा रही है। ऐसे पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण और दस्तावेजीकरण की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी उससे सीख ले सकें।

राज्यपाल ने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है। राज्य का बड़ा हिस्सा वनाच्छादित है, जो पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। साथ ही खनिज संपदा राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार है। ऐसे में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है। सतत विकास की अवधारणा इसी संतुलन पर आधारित है।

उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए “Mission LiFE – Lifestyle for Environment” का उल्लेख करते हुए कहा कि हर नागरिक को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार जीवनशैली अपनानी चाहिए। “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” का संदेश भारत की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल ने आयोजकों, सहयोगी संस्थानों और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं और विश्वास जताया कि यह फिल्म फेस्टिवल पर्यावरण जागरूकता को नई दिशा देगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *