एकीकृत बिहार के अध्यादेश-नियुक्त मदरसा शिक्षकों को पेंशन देगी झारखंड सरकार, HC में दी जानकारी

अवमानना याचिका समाप्त, राज्य सरकार ने कहा– पॉलिसी के तहत मिलेगा लाभ

RANCHI

अध्यादेश के माध्यम से एकीकृत बिहार में नियुक्त मदरसा शिक्षकों को पेंशन का लाभ मिलेगा। यह जानकारी राज्य सरकार ने सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट को दी।

मोहम्मद इजामुल हक समेत अन्य सेवानिवृत्त कर्मियों की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार ने अदालत को बताया कि संबंधित प्रार्थियों के पेंशन से जुड़े दस्तावेज विभाग को भेज दिए गए हैं। वे विभाग में जाकर अपना दावा निष्पादित कर सकते हैं।

सरकार का पक्ष सुनने के बाद अदालत ने अवमानना याचिका को समाप्त (ड्रॉप) कर दिया। कोर्ट के आदेश के आलोक में राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत में उपस्थित हुए थे।

सुनवाई के दौरान सरकार ने स्पष्ट किया कि जिन मदरसा शिक्षकों की नियुक्ति अध्यादेश के जरिए हुई थी, उसे सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक ठहराया था। ऐसे में वे नियमित राज्यकर्मी नहीं माने गए और केवल वेतन के हकदार थे।

हालांकि, वर्ष 2014 के सरकारी नोटिफिकेशन के तहत राज्य सरकार ने नीति के आधार पर इन्हें पेंशन देने का निर्णय लिया है।

गौरतलब है कि पिछली सुनवाई में अदालत ने आदेश के अनुपालन नहीं होने पर शिक्षा सचिव को अवमानना नोटिस जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था और पूछा था कि 13 जून 2024 के आदेश का पालन अब तक क्यों नहीं किया गया। अब सरकार की ओर से पेंशन देने के आश्वासन के बाद मामला समाप्त कर दिया गया है।

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