Rajgir
बिहार के राजगीर स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला में शुक्रवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक कमरे से तेज बदबू आने की सूचना मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जब कमरा नंबर 6 एबी का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, तो चार शव फंदे से लटके मिले। मृतकों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, चारों जैन धर्म के अनुयायी थे और 31 जनवरी को धार्मिक यात्रा के सिलसिले में राजगीर पहुंचे थे। धर्मशाला प्रबंधन के अनुसार, 2 फरवरी तक उन्हें परिसर में देखा गया, लेकिन इसके बाद कमरे का दरवाजा नहीं खुला। कई दिनों तक कोई हलचल न दिखने और दुर्गंध आने पर पुलिस को सूचित किया गया।
धर्मशाला के इंचार्ज ने बताया कि चारों पर्यटक नेपाल यात्रा के बाद राजगीर आए थे। एक व्यक्ति के पास से आधार कार्ड मिला है, जिसमें नाम जी. आर. नाग प्रसाद और पता बेंगलुरु दर्ज है। अन्य तीन लोगों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस बेंगलुरु से संपर्क कर परिजनों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के अनुसार, कमरा अंदर से बंद था और दरवाजा तोड़कर खोला गया। घटनास्थल को सील कर दिया गया है और बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। डीएसपी राजगीर और स्थानीय थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम जांच में जुटी है।
फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाया गया है। कमरे के भीतर मिले साक्ष्यों, फंदे की स्थिति और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल, यात्रा से जुड़े संपर्क और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
पुलिस आत्महत्या, सामूहिक आत्महत्या या किसी साजिश जैसे सभी संभावित एंगल पर जांच कर रही है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से अधिकारी बच रहे हैं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण और समय को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस घटना ने शांत धार्मिक नगरी राजगीर को झकझोर दिया है। चार श्रद्धालुओं की एक साथ संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है।
