योगी के समर्थन में इस्तीफा देनेवाले डिप्टी कमिश्नर ने फर्जी सर्टिफिकेट से ली नौकरी, भाई का आरोप- जांच से बचने को कर रहे ड्रामा

विकलांगता प्रमाणपत्र, उम्र में हेरफेर और रिकवरी से बचने का आरोप, शिकायत के बाद जांच तेज


Ayodhya

अयोध्या में तैनात जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह के इस्तीफे के बाद अब उनके खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। सगे बड़े भाई डॉ. विश्वजीत सिंह ने दावा किया है कि प्रशांत कुमार सिंह ने फर्जी विकलांगता प्रमाणपत्र के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल की है और अब जांच व संभावित रिकवरी से बचने के लिए इस्तीफे का नाटक कर रहे हैं।

डॉ. विश्वजीत सिंह ने आरोप लगाया कि प्रशांत कुमार सिंह ने खुद को 40 प्रतिशत नेत्रहीन बताते हुए फर्जी नेत्र विकलांगता प्रमाणपत्र बनवाया और उसी के आधार पर सरकारी सेवा में नियुक्ति पाई। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिस आंखों की बीमारी का हवाला दिया गया है, वह 50 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति में लगभग असंभव है। इसके साथ ही जन्मतिथि में कथित हेरफेर कर अधिकारियों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया गया है।

डॉ. विश्वजीत सिंह ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

जांच जारी, मेडिकल बोर्ड के सामने नहीं हुए पेश

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, प्रशांत कुमार सिंह दो बार मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं हुए, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसके बाद मामले की जांच सीएमओ मऊ के स्तर पर कराई जा रही है। संबंधित दस्तावेजों और मेडिकल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है।

इस्तीफे में योगी समर्थन का जिक्र

इससे पहले प्रशांत कुमार सिंह ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को दो पन्नों का इस्तीफा भेजा था। अपने इस्तीफे में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में पद छोड़ने की बात कही थी। उन्होंने लिखा था कि सीएम योगी लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मुख्यमंत्री हैं और उनका अपमान वह बर्दाश्त नहीं कर सकते। उन्होंने यह भी कहा था कि इस्तीफा मंजूर होने के बाद वे सामाजिक कार्यों में लग जाएंगे। फिलहाल उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।

अन्य अधिकारी के इस्तीफे का भी जिक्र

इससे पहले बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने भी सरकारी नीतियों, विशेषकर यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद को लेकर सेवा से इस्तीफा दिया था। 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अग्निहोत्री ने राज्यपाल और जिलाधिकारी को ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा था।

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशांत कुमार सिंह के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों पर जांच एजेंसियां और सरकार क्या कार्रवाई करती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *