WhatsApp पर कंपनी डायरेक्टर बनकर 50 लाख की ठगी, धनबाद पुलिस ने कर्नाटक से आरोपी दबोचा

 

Dhanbad

व्हाट्सऐप के जरिए खुद को कंपनी का डायरेक्टर बताकर 50 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में धनबाद साइबर क्राइम थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस गिरोह के एक सदस्य को कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से तीन मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।

रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव ने बताया कि 29 जनवरी 2026 को सरायढेला थाना क्षेत्र के वनस्थली कॉलोनी निवासी अभय कुमार अग्रवाल ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने व्हाट्सऐप चैट के माध्यम से खुद को हिलटॉप हाइराइज प्राइवेट लिमिटेड, धनबाद का डायरेक्टर बताकर जरूरी भुगतान के नाम पर उनसे 50 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए।

विशेष टीम बनाकर शुरू हुई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के निर्देश पर सिटी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। टीम में डीएसपी साइबर संजीव कुमार, साइबर थाना प्रभारी रविकांत प्रसाद समेत अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे।

कर्नाटक के हुबली से आरोपी गिरफ्तार

तकनीकी जांच और बैंक ट्रांजेक्शन के विश्लेषण के आधार पर पुलिस को आरोपी की लोकेशन कर्नाटक में मिली। इसके बाद टीम ने कर्नाटक के हुबली स्थित आर्या दुर्गा लॉज में छापेमारी कर संयुक्त खाता धारक मो. अफसर को गिरफ्तार कर लिया।

खाते उपलब्ध कराता था आरोपी

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था, जिनके माध्यम से ठगी की रकम ट्रांसफर कराई जाती थी। इस खाते में दो अन्य साझेदारों के शामिल होने की भी जानकारी मिली है। उनकी पहचान कर ली गई है और गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।

12 लाख रुपये की निकासी रोकी गई

सिटी एसपी ने बताया कि पुलिस ने समय रहते संबंधित बैंक खाते को फ्रीज कर दिया, जिससे करीब 12 लाख रुपये की राशि की निकासी होने से बच गई।

पुलिस अब इस साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। वहीं लोगों से अपील की गई है कि किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाले संदेश या कॉल पर भरोसा कर पैसे ट्रांसफर न करें और ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने को दें।

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