रांची का मौसीबाड़ी अपहरण कांड: अंश-अंशिका की सुरक्षित वापसी की मांग पर उमड़ा जनसैलाब

DGP ने कहा- मामले की खुद कर रही हूं मॉनिटरिंग, बिहार-बंगाल-उड़ीसा भेजी गई पुलिस टीमें

RANCHI

मौसीबाड़ी मलारकोचा निवासी सुनील यादव के दो अपहृत बच्चों—5 वर्षीय अंश और 4 वर्षीय अंशिका—की सकुशल वापसी की मांग को लेकर धुर्वा स्थित शेख भिखारी चौक पर विशाल धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया। धरना की अध्यक्षता प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और युवा शामिल हुए।

धरना स्थल पर रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन, ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर, हटिया डीएसपी प्रमोद कुमार मिश्रा, खेलाड़ी डीएसपी आर.एन. चौधरी, जगन्नाथपुर थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। सीनियर एसपी राकेश रंजन ने धरना स्थल पर पहुंचकर आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए 4 IPS, 6 DSP और 12 थाना प्रभारियों की विशेष टीम गठित की गई है और जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

कैलाश यादव ने कहा कि पुलिस की बातों पर भरोसा है, लेकिन शुरुआती दिनों में प्रशासन की सक्रियता और तेज होती तो स्थिति अलग हो सकती थी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक बच्चों की सुरक्षित वापसी नहीं होती, जनआंदोलन जारी रहेगा।

धरना समाप्ति के बाद कैलाश यादव, अपहृत बच्चों के पिता सुनील यादव और प्रतिनिधिमंडल ने धुर्वा स्थित पुलिस मुख्यालय में डीजीपी तदाशा मिश्रा से मुलाकात की। करीब 25 मिनट की वार्ता में डीजीपी ने कहा कि यह मामला उनके लिए बेहद संवेदनशील है और इसकी मॉनिटरिंग वह स्वयं कर रही हैं। बच्चों की सकुशल वापसी के लिए विशेष पुलिस टीमें बनाई गई हैं और जांच के सिलसिले में बिहार, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में पुलिस टीमों को भेजा गया है।

वार्ता के दौरान कैलाश यादव ने डीजीपी से कहा कि रांची के अपराध तंत्र की उनकी जानकारी को देखते हुए लोगों को उनसे विशेष उम्मीद है, लेकिन जनाक्रोश भी काफी है और आगामी रणनीति के तहत आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही जनसमूह का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *