यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को 5 दिन की कस्टडी, फंडिंग और डिजिटल सबूतों की होगी जांच
NEW DELHI
राजधानी में आयोजित एआई समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रोटेस्ट मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ा दावा किया है। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता नेपाल के ‘जेन-जी’ आंदोलन से प्रेरित थे और यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है।
दिल्ली की एक अदालत ने चार आरोपियों को पांच दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। सुनवाई के दौरान पुलिस ने कहा कि आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करनी है और डिजिटल सबूतों की जांच भी करनी है। पुलिस के अनुसार, हाल में नेपाल में हुए जेन-जी आंदोलन से वहां की सरकार गिर गई थी और उसी से प्रेरणा लेकर यह विरोध आयोजित किया गया।
पुलिस का दावा: गहरी साजिश और फंडिंग की जांच
पुलिस ने अदालत से कहा कि कुछ आरोपी मौके से भाग गए थे और मामले की तह तक पहुंचने के लिए हिरासत जरूरी है। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि प्रदर्शन के पीछे फंडिंग किसने की और टी-शर्ट किसने फाइनेंस की।
कार्यकर्ताओं की टी-शर्ट पर “PM is compromised”, “India US Trade Deal” और “Epstein Files” जैसे संदेश लिखे थे। आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं और जानी-मानी हस्तियों की मौजूदगी में देश विरोधी नारे लगाए गए।
बचाव पक्ष का तर्क
आरोपियों के वकील ने अदालत में कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और किसी वीडियो में हिंसा नहीं दिखती। उन्होंने एफआईआर को राजनीतिक कदम बताया और कहा कि गिरफ्तारी में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का पालन नहीं किया गया। प्रॉसिक्यूशन ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए कस्टडी जरूरी है।
भाजपा का तीखा हमला
इधर, इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सिर्फ नकारात्मक राजनीति नहीं, बल्कि देश की छवि खराब करने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी मेहमानों के सामने इस तरह का प्रदर्शन देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में डिजिटल साक्ष्यों व फंडिंग के पहलुओं पर पुलिस की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
