भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोपों को लेकर कांग्रेस का हमला, 44 जनप्रतिनिधियों पर सवाल
महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सरकार की चुप्पी क्यों — रमा खलखो ने उठाए तीखे सवाल
RANCHI
रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष Rama Khalkho ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के 44 विधायकों और सांसदों पर दुष्कर्म व महिला उत्पीड़न जैसे आरोप हैं, इसके बावजूद उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करती है।
विभिन्न राज्यों के मामलों का दिया हवाला
रमा खलखो ने गोवा, उत्तराखंड, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों के मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि एक पैटर्न सामने आता है, जहां सत्ता के प्रभाव में आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने गोवा के एक चर्चित मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि एक भाजपा पार्षद के बेटे द्वारा कई नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म और उत्पीड़न की घटनाएं लंबे समय तक दबाई गईं और बाद में मामला सामने आया।

भाजपा नेताओं पर आरोपों को लेकर सवाल
उन्होंने भाजपा नेता Subramanian Swamy द्वारा अपनी ही पार्टी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि इतने गंभीर मुद्दों पर भी सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे मामलों की जांच क्यों नहीं कराई जा रही और जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हो रही।
अन्य मामलों को लेकर भी उठाए मुद्दे
कांग्रेस नेता ने विभिन्न चर्चित मामलों का हवाला देते हुए कहा कि कई राज्यों में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों में कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में भी कई घटनाओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बजाय कई बार उन्हें संरक्षण मिलता नजर आता है।
महिला सुरक्षा और जवाबदेही की मांग
रमा खलखो ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति करने के बजाय ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि समाज में विश्वास कायम हो सके।
