गांव-गांव तक पहुंचेगा संघर्ष; पेसा कानून लागू होने पर उत्सव
Ranchi
कांग्रेस के 140वें स्थापना दिवस को झारखंड में बड़े राजनीतिक संदेश के साथ मनाया गया। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने इसे कांग्रेस के इतिहास में “मील का पत्थर” बताते हुए कहा कि आज देश में कांग्रेस की नीतियों, सिद्धांतों और कार्यशैली को जनता तक पहुंचाने की सबसे ज्यादा जरूरत है।
स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने पार्टी का झंडा फहराया। इस दौरान झारखंड में कांग्रेस को मजबूती देने वाले वरिष्ठ नेताओं अमानत अली, अनादि ब्रह्म, रोशन लाल भाटिया, कामता उपाध्याय, गुलफाम मुजीबी और देवराज खत्री को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा प्रकोष्ठ द्वारा नए कलेवर में तैयार की गई ‘कांग्रेस संदेश’ पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
के. राजू ने कहा कि झारखंड के सभी 4500 ग्राम पंचायतों और 1100 नगर निकायों में स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के घरों पर झंडा लगाया गया है और पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने राज्यों से बिना सहमति और विचार-विमर्श के मनरेगा कानून में बदलाव कर दिया, जिससे श्रमिकों का काम मांगने का अधिकार समाप्त हो गया है।
उन्होंने घोषणा की कि मनरेगा कानून में बदलाव के विरोध में कांग्रेस 5 जनवरी से आगामी चुनाव तक आंदोलन करेगी। झारखंड में एक बड़ी रैली आयोजित की जाएगी और पार्टी गांव-गांव जाकर मनरेगा श्रमिकों को उनके अधिकारों और सरकार के फैसले के प्रभावों के बारे में जागरूक करेगी। उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों से राज्यों का सामाजिक-आर्थिक संतुलन बिगड़ेगा और पलायन की समस्या और गंभीर होगी।
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस का स्थापना दिवस इतिहास, संघर्ष, त्याग और बलिदान को याद करने का दिन है। 1885 में बोया गया बीज आज एक विशाल वटवृक्ष बन चुका है। कांग्रेस ने देश को आज़ादी दिलाने से लेकर आधुनिक, समावेशी और प्रगतिशील भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि झारखंड में आदिवासी, किसान, महिलाएं, मजदूर, युवा और वंचित वर्ग के अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष के कारण ही कांग्रेस जनता के करीब रही है।
कार्यक्रम के अंत में झारखंड में पेसा कानून लागू होने की खुशी में ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य-गान के साथ पेसा उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
