UPSC में झारखंड के युवाओं का दम, सुदीपा दत्ता को 41वीं रैंक, दुमका से लातेहार तक सफलता की कहानी

 

झारखंड के कई अभ्यर्थियों ने पास की यूपीएससी



RANCHI

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में झारखंड के कई प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है। देशभर में कुल 958 उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिनमें झारखंड के छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं।

इस बार दुमका की सुदीपा दत्ता ने 41वीं रैंक हासिल कर राज्य में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। यह उनका तीसरा प्रयास था। सुदीपा ने दुमका में रहकर ही तैयारी की और शहर की स्टेट लाइब्रेरी में पढ़ाई करते हुए इस मुकाम तक पहुंचीं। उनके पिता सच्चिदानंद दत्ता सहायक पोस्टमास्टर हैं, जबकि माता गृहिणी हैं। इससे पहले उनका चयन झारखंड लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीडीपीओ पद पर भी हो चुका है।

लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड के चटकपुर गांव के रहने वाले बिपुल गुप्ता ने 103वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। बिपुल पवन कुमार गुप्ता और दीपा गुप्ता के पुत्र हैं। इससे पहले वर्ष 2024 में उन्होंने 368वीं रैंक हासिल की थी, जिसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा में हुआ था। इस बार उन्होंने अपना लक्ष्य हासिल करते हुए आईएएस बनने का सपना पूरा किया।

साहिबगंज की निहारिका सिन्हा ने भी इस परीक्षा में 365वीं रैंक हासिल की है। कुलीपाड़ा निवासी निहारिका के पिता निरंजन सिन्हा पेशे से दर्जी हैं और माता शबनम कुमारी स्वास्थ्य विभाग में अनुबंध पर नर्स हैं। निहारिका ने 2018 में संत जेवियर स्कूल, साहिबगंज से दसवीं और 2020 में रांची के जवाहर विद्या मंदिर श्यामली से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद कोलकाता के संत जेवियर कॉलेज से राजनीति शास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की।

धनबाद जिले से जुड़ी श्रुति मोदी ने भी यूपीएससी परीक्षा में 569वीं रैंक हासिल की है। श्रुति के पिता सीताराम मोदी और माता सुषमा मोदी हैं। उन्होंने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बीकॉम ऑनर्स की पढ़ाई की है। वर्तमान में वह बैंक में क्लर्क के पद पर कार्यरत हैं और नौकरी के साथ-साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थीं। उनकी सफलता पर परिवार और स्थानीय लोगों ने खुशी जताई है।

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