Ranchi
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने प्रेस वार्ता कर बोकारो कोषागार से जुड़े एक बड़े वित्तीय घोटाले का भंडाफोड़ किया है। एसोसिएशन के अनुसार, एक सेवानिवृत्त पुलिस अवर निरीक्षक के नाम पर हर महीने लगभग 15 लाख रुपये की राशि 20 महीने तक निकाली जाती रही, जिससे कुल मिलाकर करीब 3.15 करोड़ रुपये की अवैध निकासी सामने आई है। इस मामले ने पुलिस महकमे और कोषागार व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली खबर के अनुसार, बोकारो कोषागार पदाधिकारी के बयान के आधार पर संबंधित थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है और इस मामले में बोकारो पुलिस के एक लेखापाल को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। हालांकि, एसोसिएशन का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसमें कई स्तरों पर लापरवाही और मिलीभगत की आशंका है।
बताया गया है कि जिला, वाहिनी और अन्य इकाइयों में विपत्र निकासी के दौरान डीडीओ द्वारा निर्धारित नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। मस्टर रोल और पे मेमोरेण्डम की उचित जांच किए बिना ही दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर कोषागार भेजे जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा कोषागार स्तर पर भी लेखापाल, प्रधान लेखापाल और पदाधिकारियों की ओर से पर्याप्त जांच नहीं किए जाने से यह घोटाला लंबे समय तक चलता रहा।
झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही हाल के दिनों में विभिन्न जिलों और इकाइयों में हुई विपत्र निकासी की भी व्यापक जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को नियमों के तहत ही कार्य करना होगा।
इस प्रेस वार्ता में एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू के साथ उपाध्यक्ष मो. महताब आलम, रोहित कुमार रजक, महामंत्री संजीव कुमार, संयुक्त सचिव संतोष कुमार महतो और राकेश कुमार पांडेय सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
