बिटुमिन संकट से ठप निर्माण, कीमतों में उछाल; झारखंड में डिपो की मांग तेज, चैंबर ने जताई चिंता

महंगा बिटुमिन और डीजल का असर, सड़क निर्माण आधा; चैंबर ने उठाई आवाज

RANCHI

रांची में निर्माण क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने बिटुमिन की कमी और बढ़ती कीमतों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। फेडेरेशन ऑफ झारखंड चैंबर और Builders Association of India के झारखंड चैप्टर ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर बताया कि कंस्ट्रक्शन सेक्टर इस समय भारी दबाव में है।

चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि खाड़ी देशों में जारी अस्थिरता और कच्चे माल की कमी के कारण स्थिति और बिगड़ गई है। बिटुमिन की कीमत 40 हजार रुपये प्रति टन से बढ़कर 54 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है, जिससे ठेकेदारों के लिए काम करना मुश्किल हो गया है।

आपूर्ति बाधित, काम आधा ठप

झारखंड में पर्याप्त डिपो की कमी के कारण बिटुमिन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। राज्य में केवल बोकारो में एक कंटेनर डिपो है, जहां भी पर्याप्त स्टॉक नहीं मिल रहा। ऐसे में हल्दिया से बिटुमिन मंगाना पड़ रहा है, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ रहे हैं।

बिल्डर्स एसोसिएशन के अनुसार, पिछले तीन महीनों से बोकारो स्थित ऑयल कंपनियों के डिपो से भी नियमित आपूर्ति नहीं हो रही है। नतीजतन, सड़क निर्माण कार्य लगभग 50 प्रतिशत तक सीमित हो गया है।

लागत बढ़ी, संवेदकों पर दबाव

डीजल की कीमत में करीब 22 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि से लॉजिस्टिक्स लागत भी बढ़ गई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रिकल सामान और वायर की कीमतें भी लगभग डेढ़ गुना तक बढ़ चुकी हैं।

रविराज अग्रवाल ने कहा कि फरवरी-मार्च जैसे कार्य के पीक सीजन में हर साल बिटुमिन की कृत्रिम कमी पैदा हो जाती है, जिससे संवेदकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

सरकार से क्या मांग?

उद्योग संगठनों ने सरकार से मांग की है कि राज्य में बल्क बिटुमिन डिपो स्थापित किए जाएं, ताकि हल्दिया पर निर्भरता खत्म हो सके। साथ ही, कीमतों में हो रही अनावश्यक वृद्धि पर रोक लगाने और निजी कंपनियों को भी आपूर्ति की अनुमति देने की मांग की गई है।

अशोक प्रधान ने कहा कि झारखंड गठन के 26 साल बाद भी राज्य में एक भी रिफाइनरी नहीं है। उन्होंने रांची में टर्मिनल डिपो स्थापित करने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि निर्माण कार्य सुचारु रूप से चल सके और छोटे ठेकेदारों पर आर्थिक दबाव कम हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *