…और राहुल गांधी मुकेश सहनी के साथ मछलियां पकड़ने तालाब में उतर गये, नौकायन भी किया

2nd November 2025

2nd November 2025

Begusarai


कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी रविवार को बेगूसराय पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी अमिता भूषण के समर्थन में परना के सोना चिमनी ग्राउंड में चुनावी सभा को संबोधित किया। सभा के बाद राहुल गांधी ने स्थानीय युवाओं के अनुरोध पर पास के एक पोखर का रुख किया, जहां वे न सिर्फ मछली पालन देखने गए बल्कि खुद भी तालाब में उतरकर मछली पकड़ने लगे।

उनके साथ विकासशील इसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी भी मौजूद थे। दोनों ने मिलकर मछलियां पकड़ीं, नाव में सैर की और ग्रामीणों से खुलकर बातचीत की। राहुल गांधी को इस अंदाज़ में देखकर वहां मौजूद लोग बेहद उत्साहित हो उठे। युवाओं ने तालाब किनारे खड़े होकर तस्वीरें और वीडियो बनाए, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गए।

राहुल गांधी लगभग 40 मिनट तक पोखर पर रहे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ समय बिताया और उनकी बातें सुनीं। इस दौरान उनके साथ कन्हैया कुमार भी मौजूद थे। लोगों से सहजता से घुलते-मिलते हुए राहुल गांधी ने कहा — बिहार की जनता का स्नेह और आत्मीयता मेरी सबसे बड़ी ताकत है।

अपने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा, “बेगूसराय में VIP पार्टी के अध्यक्ष मुकेश सहनी जी के साथ मछुआरा समुदाय से मिलकर बहुत अच्छा लगा। उनका काम जितना दिलचस्प है, उससे जुड़ी समस्याएं उतनी ही गंभीर हैं। उनकी मेहनत, जज़्बा और व्यवसाय की समझ प्रेरणादायक है। बिहार की नदियां, नहरें और तालाब, और उनमें जीवन बसाने वाले मछुआरे — प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके अधिकारों और सम्मान की लड़ाई में मैं हर कदम पर साथ हूं।”

सभा के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियां कुछ चुनिंदा उद्योगपतियों — अडानी और अंबानी — के हित में बनाई जा रही हैं, जबकि आम जनता के अधिकार लगातार छीने जा रहे हैं। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को “डरपोक” बताते हुए कहा कि “56 इंच की छाती का दावा करने वाले मोदी अमेरिकी दबाव में झुक जाते हैं,” और उदाहरण दिया कि कैसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डोनाल्ड ट्रंप के फोन के बाद कार्रवाई रोक दी गई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि “मोदी सिर्फ अमेरिकी राष्ट्रपति से नहीं, बल्कि अडानी-अंबानी जैसे उद्योगपतियों के नियंत्रण में हैं।”

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